मैं साहित्यकार नहीं, कारोबारी लेखक हूं, अज्ञान ही मेरे लिए वरदान है: सुरेंद्र मोहन पाठक
प्रसिद्ध लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक ने खुद को कारोबारी लेखक बताते हुए जासूसी उपन्यास और हिंदी साहित्य पर अपनी बेबाक राय दी है। जानिए क्यों वह पाठकों को ही असली जज मानते हैं।