Gorakhpur: गोरखपुर नगर निगम में शहर की जल निकासी व्यवस्था को स्मार्ट और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में अर्बन फ्लड जल प्लावन नियंत्रण एवं स्टार्ट वॉटर ड्रेनेज योजना पर विस्तृत चर्चा की गई.
इस योजना के तहत नालों में सेंसर लगाए जाएंगे जो जलभराव की स्थिति में ऑटोमेटिक पंप शुरू कर देंगे. इससे पानी जल्द से जल्द नालों से निकल जाएगा और जलजमाव की समस्या से निजात मिलेगी. इसके अलावा, पंपिंग स्टेशनों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी और पंपों का ऑटोमेटिक्जेशन किया जाएगा.
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नगर आयुक्त ने अभियंताओं को इस योजना की विस्तृत जानकारी दी और यूएफएमसी का प्रभारी सहायक नगर आयुक्त श्री अविनाश प्रताप सिंह को बनाया गया. नगर निगम में एक कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है जहां से ऑटोमेटिक और कंप्यूटराइज्ड तरीके से पंपों को नियंत्रित किया जाएगा.
नालों की क्षमता बढ़ाने के लिए भी चर्चा की गई. वार्ड में पार्षदों, सफाई सुपरवाइजर और सफाई निरीक्षकों की मदद से नालों की लेबलिंग और उन्हें कनेक्ट किया जाएगा. यह पूरा कार्य मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा. समस्त पंपिंग के कार्यों के लिए श्री अशोक कुमार भाटी अधिशासी अभियंता को प्रभारी बनाया गया है.





