गोरखपुर: नववर्ष 2026 के पहले दिन गोरखनाथ मंदिर में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए डीआईजी डॉ. एस चनप्पा ने सुरक्षा व्यवस्था का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर के चप्पे-चप्पे की जांच की और सुरक्षा मानकों का आकलन किया, ताकि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
मंदिर परिसर के सुरक्षा इंतजामों का किया स्थलीय निरीक्षण
नववर्ष के अवसर पर मंदिर की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। डीआईजी ने स्वयं मंदिर के प्रवेश द्वारों, निकास मार्गों और वॉच टावरों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता और मेटल डिटेक्टरों की कार्यप्रणाली को परखा, ताकि सुरक्षा चक्र में कोई भी तकनीकी या मानवीय कमी न रह जाए।
पुलिसकर्मियों को कड़ी सतर्कता और मुस्तैदी बरतने की हिदायत
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने मौके पर तैनात सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारी गणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संदिग्ध व्यक्तियों और लावारिस वस्तुओं पर पैनी नजर रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को हर समय तैयार रहना होगा।
श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही और भीड़ प्रबंधन के निर्देश
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के साथ-साथ डीआईजी ने भीड़ नियंत्रण (क्राउड मैनेजमेंट) को लेकर भी रणनीति साझा की। उन्होंने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान कम से कम असुविधा हो और कतारबद्ध तरीके से आवाजाही सुनिश्चित की जाए। पुलिसकर्मियों को जनता के प्रति सौम्य व्यवहार रखने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के आदेश दिए गए।