गोरखपुर: गोरखपुर की पत्रकारिता और सांस्कृतिक जगत को सोमवार को एक गहरा आघात लगा है। शहर के जाने-माने पत्रकार और समाजसेवी विवेक अस्थाना का आकस्मिक निधन हो गया। शहर के रमाडा होटल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को कवर करने के दौरान उन्हें भीषण दिल का दौरा पड़ा। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी आनंद लोक हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
‘सनरोज’ संस्था के संस्थापक और रंगमंच के सशक्त हस्ताक्षर
विवेक अस्थाना केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील रंगकर्मी भी थे। वे सामाजिक-साहित्यिक संस्था ‘सनरोज’ के संस्थापक थे और श्री चित्रगुप्त मंदिर सभा के पूर्व मीडिया प्रभारी भी रह चुके थे। उनके मृदुभाषी स्वभाव और सक्रियता ने उन्हें हर दिल अजीज बना दिया था। उनके निधन की खबर से उनके साथी पत्रकार, रंगकर्मी और मित्र पूरी तरह हतप्रभ हैं।
कुछ दिन पहले ही हृदय संबंधी दिक्कतों के चलते हुए थे भर्ती
विवेक अस्थाना की मौत ने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही के गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। वे कुछ दिन पहले ही हृदय संबंधी गंभीर समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती हुए थे। डिस्चार्ज होने के बाद उन्हें आराम की सलाह दी गई थी, लेकिन वे अपनी काम के प्रति निष्ठा के चलते लगातार फील्ड में डटे रहे। हाल ही में जीएलएफ कार्यक्रम के दौरान भी मित्रों ने उन्हें सेहत पर ध्यान देने की सलाह दी थी।
प्रेस क्लब चुनाव में ‘पुस्तकालय मंत्री’ पद के थे दावेदार
इस दुखद घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि विवेक इस साल गोरखपुर प्रेस क्लब के चुनाव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे थे। वे ‘पुस्तकालय मंत्री’ पद के लिए चुनाव लड़ने की जोरदार तैयारी में जुटे थे। उनका अंतिम संस्कार आज, सोमवार शाम 04:00 बजे राप्ती तट स्थित राजघाट पर किया जाएगा, जहाँ शहर के गणमान्य लोग उन्हें अंतिम विदाई देंगे।