28 को कुशीनगर, 29 को नेपाल; सोनौली बॉर्डर पर नो-एंट्री, जानें पूरा शेड्यूल
गोरखपुर: थाईलैंड की महारानी चखुन सिनीनात वांगवजीरा पकडी अपनी दो दिवसीय ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा पर भारत आ रही हैं। वे 28 जनवरी को अपने 70 सदस्यीय शाही दल के साथ कुशीनगर पहुंचेंगी। यह पहला मौका है जब क्वीन कुशीनगर आ रही हैं, जिसे लेकर प्रशासन और बौद्ध भिक्षुओं में भारी उत्साह है। यात्रा के दूसरे दिन, यानी 29 जनवरी को वे सड़क मार्ग से सोनौली बॉर्डर होते हुए भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी (नेपाल) के लिए प्रस्थान करेंगी। इस वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं।
महापरिनिर्वाण मंदिर में लेटी प्रतिमा पर चढ़ाएंगी चीवर
कुशीनगर प्रवास के दौरान महारानी थाई मोनास्ट्री में ही रात्रि विश्राम करेंगी। 29 जनवरी की सुबह वे महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर पहुंचकर भगवान बुद्ध की लेटी हुई प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक चीवर अर्पित करेंगी। इसके साथ ही वे रामाभार स्तूप का भी वंदन करेंगी। उनकी यह विशेष पूजा विश्व शांति और भारत-थाईलैंड के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। पूजा-अर्चना के बाद वे अपने काफिले के साथ सड़क मार्ग से नेपाल सीमा की ओर बढ़ेंगी।
दुल्हन की तरह सजाया जा रहा सोनौली का थाई बुद्ध बिहार 960
कुशीनगर से लुंबिनी जाते समय क्वीन सोनौली स्थित थाई बुद्ध बिहार 960 में रुकेंगी। थाई बुद्ध बिहार के प्रवक्ता फा रंगसीत सोंगसृ ने बताया कि महारानी के स्वागत के लिए मंदिर परिसर को दुल्हन की तरह सजाने की तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गई हैं। 29 जनवरी को यहां उनका एक संक्षिप्त कार्यक्रम प्रस्तावित है। चूंकि यह रानी का नितांत निजी कार्यक्रम है, इसलिए सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कार्यक्रम के दौरान ‘थाई बुद्ध बिहार 960’ में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित रहेगा।
इंडो-नेपाल बॉर्डर पर हाई अलर्ट, 70 सदस्यीय दल रहेगा साथ
महारानी के 70 सदस्यीय शाही काफिले के सुरक्षित आवागमन के लिए गोरखपुर से लेकर सोनौली सीमा तक सुरक्षा का कड़ा पहरा रहेगा। स्थानीय प्रशासन और खुफिया विभाग पल-पल की अपडेट ले रहे हैं ताकि बॉर्डर पार करते समय कोई सुरक्षा चूक न हो। सोनौली बॉर्डर पर वीवीआईपी मूवमेंट के लिए ट्रैफिक डायवर्जन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है। नेपाल जाने से पहले भारतीय सीमा में उनके अंतिम पड़ाव के रूप में थाई बुद्ध बिहार में होने वाले कार्यक्रम की निगरानी के लिए पुलिस बल तैनात किया जाएगा।