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आश्रितों की पेंशन 7 वर्ष तक सीमित करने की योजना पर राज्य कर्मचारियों का कड़ा विरोध

गोरखपुर समाचार | गोरखपुर सिटी न्यूज़

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक में सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी योजनाओं पर कड़ा विरोध जताया गया है। परिषद ने विशेष रूप से उस योजना का विरोध किया है जिसके तहत 60 और 65 वर्ष में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को अब केवल सात वर्ष तक ही पेंशन दिए जाने पर विचार किया जा रहा है। परिषद ने इसे ‘तुगलकी फरमान’ बताते हुए चेतावनी दी है कि ऐसी किसी भी योजना को तुरंत वापस लिया जाए, अन्यथा इसका गंभीर परिणाम होगा।

कर्मचारी आश्रितों को केवल 7 साल की पेंशन, घोर विरोध

डिप्लोमा इंजीनियर संघ भवन में हुई इस बैठक में परिषद के अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित श्याम नारायण शुक्ल, और क्षेत्रीय अध्यक्ष डिप्लोमा इंजीनियर संघ इं. राम समुझ ने संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकार जल्द ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों के आश्रितों को केवल सात वर्ष तक पेंशन देने की योजना पर विचार कर रही है। नेताओं ने इसे ‘कर्मचारियों को जीते जी मारना’ और असंवैधानिक बताया। उन्होंने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि वह यह भूल न करे कि कर्मचारी और उनका परिवार भी मतदाता है। परिषद ने मांग की है कि यदि ऐसी कोई योजना विचाराधीन है तो उसे तुरंत वापस लिया जाए और इस संबंध में एक श्वेत पत्र जारी किया जाए।

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पुरानी पेंशन बहाली (OPS) के लिए आर-पार का संघर्ष

संरक्षक अशोक पाण्डेय एवं इं. नागेन्द्र मणि गुप्ता ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली पर जोर देते हुए कहा कि पूरे देश में कर्मचारी और शिक्षक वर्ग OPS के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सरकार की ‘एक देश, एक निशान’ की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेंशन के मुद्दे पर सरकार ‘एक देश, दो विधान’ की पक्षधर बनी हुई है। माननीयों को जहाँ चार-चार पेंशन का लाभ मिल रहा है, वहीं कर्मचारियों को केवल NPS/UPS जैसे ‘लॉलीपॉप’ दिए जा रहे हैं। नेताओं ने कुंभकर्णी नींद में सोई सरकार से तुरंत OPS बहाली पर निर्णय लेने की मांग की और कहा कि पुरानी पेंशन लागू करके ही ‘सबका साथ, सबका विकास और सबको न्याय’ से देश का विकास संभव है।

आठवें वेतन के फिटमेंट फैक्टर पर भी संदेह

अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव ने आठवें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर में भी ‘झोल’ होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि साजिश रची जा रही है कि आर्थिकी का हवाला देते हुए कर्मचारियों के हितों को संकुचित किया जाए। उन्होंने सभी कर्मचारी संगठनों से एकजुट होकर इन सभी मुद्दों पर लड़ने का आह्वान किया, ताकि कर्मचारी हितों को संरक्षित रखा जा सके। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि कर्मचारियों, शिक्षकों, पुलिस और अर्धसैनिक बलों एवं उनके परिवार की ‘आह’ निकली, तो वह सरकार के ‘रामराज’ के सपने को ‘दिवास्वप्न’ साबित कर देगी। बैठक का संचालन महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने किया।


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Siddhartha Srivastava

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Siddhartha Srivastava का आज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला, हिंदुस्तान, दैनिक जागरण जैसे हिंदी अखबारों में 18 साल तक सांस्थानिक पत्रकारिता का अनुभव है. वर्तमान में स्वतंत्र पत्रकारिता. email:- siddhartha@gogorakhpur.com | 9871159904.

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