Gorakhpur: पूर्वोत्तर रेलवे का हर टिकट काउंटर अब क्यूआर कोड से लैस है. अब अगर काउंटर पर लाइन में लगे यात्री के पास टिकट के लिए कैश नहीं है तो वह बार कोड के माध्यम से भी भुगतान कर सकता है. एनईआर के सभी 535 स्टेशनों के टिकट काउंटरों पर यह सुविधा शुरू हो गई है.
रेलवे में पहले केवल ऑनलाइन आरक्षित टिकट के लिए ही ऑनलाइन भुगतान की सुविधा थी. इसके बाद जनरल व प्लेटफार्म टिकट के लिए भी यह सुविधा हो गई, लेकिन यही टिकट अगर रेलवे स्टेशन के काउंटर से लेते थे तो उसके बदले नकद भुगतान करना होता था. काउंटर पर ऑनलाइन सुविधा नहीं होने से आए दिन कर्मचारियों और यात्रियों में कहासुनी होती थी. कर्मचारी कैश रुपये नहीं होने पर यात्रियों को लौटा देते थे. वहीं, यात्री भी फुटकर पैसे नहीं होने की वजह से काउंटर पर उलझते रहते थे. अब इन दोनों समस्या का समाधान हो गया है. इसके लिए हर जगह बार कोड स्कैनर लगाया गया है, जिसके जरिए लोग अपने टिकट का भुगतान कर सकेंगे.
लखनऊ मंडल में 221 जगह लगे हैं बार कोड स्कैनर : पूर्वोत्तर रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए यूटीएस, पीआरएस तथा यूटीएस सह पीआरएस काउंटरों पर टिकटों के भुगतान के लिए क्यूआर कोड लगाया है. इसमें लखनऊ मंडल में 221, वाराणसी मंडल में 161 और इज्जतनगर मंडल में 153 क्यूआर डिवाइस लगाए गए हैं. इसमें से यूटीएस काउंटर पर 360, पीआरएस काउंटर पर 74 तथा यूटीएस सह पीआरएस काउंटर पर 101 क्यूआर डिवाइस लगाए गए हैं. इसके अतिरिक्त 80 क्यूआर डिवाइस स्पेयर के रूप में उपलब्ध हैं.
पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ, पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे शत-प्रतिशत क्यूआर डिवाइस लगाने वाला देश के तीन अन्य क्षेत्रीय रेलवे की सूची में शामिल हो गया है. यूपीआई के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा से काम आसान होगा. इससे टिकट जारी करने में लगने वाले समय में कमी आएगी.
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