गोरखपुर: पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय में सोमवार को आयोजित क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने ‘रेल मंत्री राजभाषा ट्रॉफी’ रेलवे को समर्पित की। वर्ष 2024 के दौरान हिंदी के उत्कृष्ट प्रयोग के लिए मिली इस उपलब्धि के साथ ही वाराणसी मंडल को ‘आदर्श मंडल’ के रूप में चल वैजयंती प्रदान की गई है।
वर्ष 2024 के लिए पूर्वोत्तर रेलवे को मिली प्रतिष्ठित ‘रेल मंत्री राजभाषा ट्रॉफी’
मुख्य राजभाषा अधिकारी संजय सिंघल ने रेलवे बोर्ड से प्राप्त यह सम्मान महाप्रबंधक को सौंपा। यह ट्रॉफी पूरे जोन में हिंदी के प्रगामी प्रयोग और सरकारी कामकाज में राजभाषा की श्रेष्ठता के लिए दी गई है। इसी गौरवपूर्ण उपलब्धि के अंतर्गत वाराणसी मंडल को ‘आचार्य महावीर प्रसाद चल वैजयंती’ पुरस्कार के लिए चुना गया।
स्टेशनों के सूचना पट्टों की अशुद्धियां सुधारने और वेबसाइट द्विभाषी करने का निर्देश
महाप्रबंधक ने कड़े निर्देश दिए कि स्टेशनों पर लगे बोर्डों की वर्तनी संबंधी अशुद्धियों को तत्काल ठीक कराया जाए। उन्होंने कहा कि रेलवे की सभी आधिकारिक वेबसाइटें अनिवार्य रूप से द्विभाषी होनी चाहिए और उन्हें समय-समय पर अपडेट किया जाए। साथ ही, अब सभी रेल कार्यालयों में प्रतिदिन हिंदी का ‘आज का सुविचार’ लिखना अनिवार्य होगा।
बैठक में स्वस्थ जीवनशैली और महाकवि सुब्रह्मण्यम भारती के योगदान पर मंथन
बैठक के दौरान ललित नारायण मिश्र रेलवे चिकित्सालय के डॉ. पवन कुमार पाल ने जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम पर पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी। वहीं, राजभाषा प्रभारी अनामिका सिंह ने प्रसिद्ध तमिल कवि सुब्रह्मण्यम भारती के जीवन और राजभाषा के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डालकर उपस्थित अधिकारियों को प्रेरित किया।