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गोरखपुर रेल प्रेक्षागृह में गूंजा ‘वंदे मातरम’, 77वें गणतंत्र दिवस पर एनईआर के कलाकारों ने बांधा समां

गोरखपुर रेल प्रेक्षागृह में गूंजा 'वंदे मातरम', 77वें गणतंत्र दिवस पर एनईआर के कलाकारों ने बांधा समां

गोरखपुर: पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) मुख्यालय में 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव गरिमामय ढंग से शुरू हो गया है। रविवार शाम रेलवे प्रेक्षागृह में आयोजित एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे कला समिति के कलाकारों और रेलवे स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में ‘नरवो’ की अध्यक्षा श्रीमती मनीषा बोरवणकर समेत रेलवे के सभी वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

महाप्रबंधक ने कर्मचारियों की गरिमा पर दिया विशेष जोर

77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने रेल परिवार को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय रेल देश में बंधुत्व का संचार करती है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि पूर्वोत्तर रेलवे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही है और इसकी निरंतर प्रगति के लिए प्रत्येक कर्मचारी की गरिमा का सम्मान करना अनिवार्य है। श्री बोरवणकर ने संविधान की महत्ता को याद दिलाते हुए कहा कि प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है, जिससे हम नए कीर्तिमान स्थापित कर सकेंगे।

‘आरम्भ है प्रचंड’ की प्रस्तुति ने भरा देशभक्ति का जोश

सांस्कृतिक संध्या में स्कूली बच्चों की प्रतिभा विशेष आकर्षण का केंद्र रही। एन.ई. रेलवे हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने जब ‘आरम्भ है प्रचंड’ गीत पर समूह नृत्य प्रस्तुत किया, तो पूरा प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके अलावा बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने ‘जीते हैं चल’ और ‘वंदे मातरम’ की मनमोहक प्रस्तुति दी। कला समिति के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत कत्थक नृत्य और ‘राम स्तुति- भजमन रामचरण सुखदाई’ ने शास्त्रीय कला और भक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया, जिसे अधिकारियों द्वारा खूब सराहा गया।

‘सरजमीने हिंदुस्तान’ नाटक के जरिए कर्तव्य का संदेश

सांस्कृतिक संध्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा देशभक्ति पर आधारित लघु नाटक रहे। पूर्वोत्तर रेलवे कला समिति और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के सदस्यों ने ‘बढ़ते कदम’ और ‘सरजमीने हिंदुस्तान’ नामक नाटकों का मंचन किया। इन नाटकों के माध्यम से राष्ट्र के प्रति समर्पण और कर्तव्य पालन का संदेश दिया गया, जिसकी महाप्रबंधक ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके बाद प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी मनोज कुमार ने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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Priya Srivastava

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About Author

Priya Srivastava दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में परास्नातक हैं. गोगोरखपुर.कॉम के लिए इवेंट, एजुकेशन, कल्चर, रिलीजन जैसे टॉपिक कवर करती हैं. 'लिव ऐंड लेट अदर्स लिव' की फिलॉसफी में गहरा यकीन.

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