गोरखपुर: मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के छात्रों ने अकादमिक जगत में एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। आईआईटी द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षा एनपीटीईएल (NPTEL – नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एन्हांस्ड लर्निंग) में विश्वविद्यालय के कुल 919 छात्रों ने सफलता हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। खास बात यह है कि इस कठिन तकनीकी परीक्षा में विश्वविद्यालय की दो छात्राओं ने अपने-अपने पाठ्यक्रमों में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोरखपुर का मान बढ़ाया है। कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने इसे छात्रों की क्षमता और विवि की शिक्षा गुणवत्ता का प्रमाण बताया है।
गौरव: मैकेनिकल की निशा और सिविल की हर्षिता बनीं नेशनल टॉपर
विश्वविद्यालय के लिए दोहरे गर्व का क्षण तब आया जब रिजल्ट में दो छात्राओं का नाम सबसे ऊपर दिखा। मैकेनिकल इंजीनियरिंग (2021 पासआउट बैच) की छात्रा निशा ने ‘मोरल थिंकिंग: एन इंट्रोडक्शन टू वैल्यूज एंड एथिक्स’ कोर्स में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की। वहीं, सिविल इंजीनियरिंग की फाइनल ईयर की छात्रा हर्षिता राव ने ‘जियोसिंथेटिक्स एंड रीइन्फोर्स्ड सॉयल स्ट्रक्चर्स’ जैसे जटिल तकनीकी विषय में देश में टॉप किया। विभागीय स्तर पर सिविल इंजीनियरिंग का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा, जहां एक टॉपर के अलावा कई छात्र शीर्ष श्रेणी में जगह बनाने में सफल रहे।
सफलता: 13 छात्रों को ‘एलीट प्लस गोल्ड’ और 149 को मिला सिल्वर सर्टिफिकेट
परिणामों की गहराई में जाएं तो एमएमएमयूटी के छात्रों की मेधा साफ नजर आती है। परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले 13 मेधावियों को प्रतिष्ठित ‘एलीट प्लस गोल्ड’ प्रमाण पत्र से नवाजा गया है। वहीं, 75 से 90 प्रतिशत के बीच अंक हासिल करने वाले 149 छात्रों को ‘एलीट प्लस सिल्वर’ और 60 से 74.99 फीसदी अंक लाने वाले 510 छात्रों को ‘एलीट’ सर्टिफिकेट मिला है। इसके अलावा, केमिकल इंजीनियरिंग के 10 और कंप्यूटर साइंस के 14 छात्रों ने भी राष्ट्रीय स्तर की मेरिट लिस्ट में शीर्ष स्थान बनाया है।
दबदबा: बीटेक थर्ड ईयर के 65 छात्रों ने जमाई टॉप रैंक पर धाक
वर्षवार प्रदर्शन के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीटेक तृतीय वर्ष के छात्रों ने सबसे ज्यादा बाजी मारी है। इस बैच के सर्वाधिक 65 छात्रों ने देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। आंकड़ों के मुताबिक, देश के ‘शीर्ष 1%’ छात्रों की सूची में एमएमएमयूटी के 17 छात्र और ‘शीर्ष 2%’ की सूची में 19 छात्र शामिल हैं। अकेले सिविल इंजीनियरिंग विभाग से 17 छात्र देश के टॉप 1% में जगह बनाने में कामयाब रहे। कुलपति और विभागाध्यक्षों ने इस उपलब्धि पर शिक्षकों और छात्रों को बधाई दी है।