सिटी सेंटर

गोरखपुर: देश के पहले ‘सरस्वती शिशु मंदिर’ की नींव रखने वाले परमेश्वर जी का निधन

गोरखपुर: देश के पहले 'सरस्वती शिशु मंदिर' की नींव रखने वाले परमेश्वर जी का निधन

गोरखपुर: शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी, व्यवसायी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ स्वयंसेवक परमेश्वर जी का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन को गोरखपुर वासियों के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। वे न केवल एक सफल व्यवसायी थे, बल्कि शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है। उनका पूरा जीवन त्याग, सेवा और सादगी की मिसाल रहा।

नानाजी देशमुख के साथ रखी देश के पहले शिशु मंदिर की आधारशिला

साहित्य रत्न की उपाधि प्राप्त परमेश्वर जी का सबसे बड़ा योगदान शिक्षा के क्षेत्र में रहा। सन् 1952 में गोरखपुर के पक्कीबाग में जब देश के पहले ‘सरस्वती शिशु मंदिर‘ की स्थापना हुई थी, तो इसकी आधारशिला रखने वालों में राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के साथ उनका नाम भी प्रमुखता से शामिल था। शिक्षा के प्रति उनका यह समर्पण आज भी एक वटवृक्ष के रूप में समाज को छाया दे रहा है।

वनवासी छात्रों के लिए 15 हजार वर्गफुट और संघ कार्यालय हेतु भूमि दान

सेवा भाव की अनूठी मिसाल पेश करते हुए उन्होंने ‘वनवासी कल्याण आश्रम’ के छात्रावास के लिए अपनी लगभग 15 हजार वर्गफुट की बेशकीमती जमीन सहर्ष दान कर दी थी। इसी जमीन पर पिछले 40 वर्षों से ‘श्रीराम वनवासी छात्रावास’ संचालित है, जहाँ पूर्वोत्तर के छात्र निःशुल्क शिक्षा पाते हैं। इसके अतिरिक्त, संघ के प्रांतीय कार्यालय ‘माधवधाम’ के लिए भी उन्होंने अपनी एक बड़ी भूमि समाज को समर्पित कर दी थी।

रेती चौक पर स्थित प्रसिद्ध ‘राम प्रसाद आप्टिशियन’ से जुड़ी है विरासत

जुलाई 1936 में जन्मे परमेश्वर जी का पारिवारिक व्यवसाय पूर्वांचल में अपनी अलग पहचान रखता है। रेती चौक स्थित उनका प्रतिष्ठान “राम प्रसाद आप्टिशियन” घड़ियों के व्यवसाय में शीर्ष पर है। 1955 में गायत्री देवी के साथ परिणय सूत्र में बंधे परमेश्वर जी अपने पीछे एक पुत्र प्रदीप जी और छह पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। मृदुभाषी स्वभाव के कारण वे समाज के हर वर्ग में लोकप्रिय थे।


हमें फॉलो करें

गो गोरखपुर ब्यूरो

गो गोरखपुर ब्यूरो

About Author

गोरखपुर और आसपास की खबरों (gorakhpur news) के लिए पढ़ते रहें गोगोरखपुर.कॉम | सूचनाओं की भीड़ में अपने काम लायक हर जरूरी जानकारी पर रखें नज़र...गो गोरखपुर (www.gogorakhpur.com) के साथ.

नया एक्सप्रेसवे: पूर्वांचल का लक, डेवलपमेंट का लिंक महाकुंभ 2025: कुछ अनजाने तथ्य… महाकुंभ 2025: कहानी कुंभ मेले की…
नया एक्सप्रेसवे: पूर्वांचल का लक, डेवलपमेंट का लिंक