गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि एवं प्राकृतिक विज्ञान संस्थान में नए साल के पहले दिन एक अत्याधुनिक हाई-टेक नर्सरी का शिलान्यास किया गया। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने ₹99.65 लाख की लागत से बनने वाले इस “कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केंद्र” की नींव रखी, जो पूर्वांचल के कृषि परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
4000 वर्ग मीटर में फैलेगा माइक्रोप्रोसेसर नियंत्रित अत्याधुनिक पॉलीहाउस
यह हाई-टेक नर्सरी उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के सहयोग से विकसित की जा रही है। इस परियोजना की विशिष्टता इसकी तकनीक है, जिसमें यूवी-स्टेबलाइज्ड पॉलीकार्बोनेट मल्टी-वाल शीट, पैड एवं फैन कूलिंग सिस्टम और माइक्रोप्रोसेसर-नियंत्रित बेंचिंग प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। 4000 वर्ग मीटर में फैली इस संरचना में फॉगर सिस्टम और पीएआर लैंप जैसी उन्नत सुविधाएं भी मौजूद रहेंगी, जो पौधों के विकास के लिए आदर्श वातावरण सुनिश्चित करेंगी।
छात्रों में विकसित होगी उद्यमिता और स्वरोजगार
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने शिलान्यास के दौरान स्पष्ट किया कि इस केंद्र का उद्देश्य केवल पौध उत्पादन नहीं, बल्कि छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देना भी है। यहाँ विद्यार्थी पॉलीहाउस प्रबंधन और पौध प्रवर्धन (Plant Propagation) की बारीकियां सीखेंगे। इस सेंटर के माध्यम से छात्रों को कृषि विपणन और उद्यमिता से जोड़कर स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे डिग्री के साथ-साथ व्यावसायिक कौशल में भी निपुण हो सकें।
किसानों की बाहरी स्रोतों पर निर्भरता होगी खत्म
संस्थान के निदेशक प्रो. राम रतन सिंह और समन्वयक डॉ. रामवंत गुप्ता के अनुसार, इस नर्सरी के बिक्री आउटलेट से किसानों को रियायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाली रोगमुक्त पौध मिलेगी। इससे पूर्वांचल के किसानों की हाइब्रिड किस्मों के लिए बाहरी नर्सरियों पर निर्भरता समाप्त होगी और उनके समय व धन की बचत होगी। उद्घाटन के दौरान प्रो. अनुभूति दुबे और नेशनल सीड कारपोरेशन के डॉ. योगेंद्र कुमार यादव सहित विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ शिक्षक मौजूद रहे।