गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDUGU) के लिए वर्ष 2025 ऐतिहासिक उपलब्धियों और गौरव का साल साबित हुआ है। विश्वविद्यालय ने अपनी 75वीं वर्षगांठ (हीरक जयंती) मनाते हुए शिक्षा, शोध और इंफ्रास्ट्रक्चर में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में हुए भव्य आयोजनों के बीच विश्वविद्यालय ने वैश्विक पटल पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। यह वर्ष अकादमिक उत्कर्ष और ढांचागत बदलाव का गवाह बना।
टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग में पहली बार बनाई वैश्विक पहचान
विश्वविद्यालय ने वैश्विक रैंकिंग में लंबी छलांग लगाई है। ‘टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) इंटरडिसिप्लिनरी साइंस रैंकिंग 2026’ में संस्थान ने पहली बार 801+ बैंड में जगह बनाई। इसके साथ ही, विश्वविद्यालय ने पहली बार ‘इम्पैक्ट रैंकिंग’ में शामिल होकर भूख मुक्त समाज और स्वच्छ ऊर्जा जैसे सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में अपने योगदान का लोहा मनवाया। वहीं, नेचर इंडेक्स रैंकिंग 2026 में इसने उत्तर प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों को पछाड़ते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है।
पीएम-उषा योजना के तहत 100 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश
ढांचागत विकास के मामले में विश्वविद्यालय ने हाई-टेक कदम उठाए हैं। पीएम-उषा (PM-USHA) योजना के अंतर्गत परिसर में 100 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इसके तहत छात्रों के लिए 1.5 करोड़ की अत्याधुनिक एआई (AI) प्रयोगशाला और 36 एप्पल आई-मैक (iMac) सिस्टम वाली लैब स्थापित की गई है। साथ ही, विधि संकाय के नए भवन और 12 केएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना से परिसर आधुनिकता की ओर बढ़ा है।
एक ही साल में 64 पेटेंट और शोधार्थियों की संख्या में भारी उछाल
शोध और नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2024-25 में विश्वविद्यालय की ओर से कुल 64 पेटेंट दाखिल किए गए, जिनमें से 57 प्रकाशित हो चुके हैं। शोध के प्रति बढ़ते रुझान का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पीएचडी शोधार्थियों की संख्या 177 से बढ़कर 884 हो गई है। 44वें दीक्षांत समारोह में 73,000 से अधिक डिग्रियां बांटी गईं, जो शैक्षणिक सत्र की नियमितता का प्रमाण है।