गोरखपुर: बंगाली समिति दुर्गाबाड़ी में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती और सरस्वती पूजा के उपलक्ष्य में भव्य तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। समिति के अध्यक्ष डॉ. अमर नाथ चटर्जी ने जानकारी दी कि 22 और 23 जनवरी को आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय समारोह में देशभक्ति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। इस वर्ष के आयोजन की सबसे खास बात सचिव अभिषेक चटर्जी (बाबई) द्वारा की गई एक ऐतिहासिक घोषणा है, जिसके तहत दुर्गाबाड़ी के इतिहास में एक नई परंपरा की शुरुआत होने जा रही है, जिससे शहर के श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर है।
इतिहास में पहली बार 23 से 28 मार्च तक स्थापित होंगी मां दुर्गा की प्रतिमा
इस वर्ष के आयोजन में बंगाली समिति के सचिव अभिषेक चटर्जी (बाबई) ने एक बड़ा सरप्राइज दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि इस वर्ष से पहली बार चैत्र नवरात्रि और रामनवमी के अवसर पर दुर्गाबाड़ी में ‘बासंती दुर्गा पूजा’ का आयोजन किया जाएगा। 23 मार्च से 28 मार्च तक दुर्गाबाड़ी के मंडप में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। अभी तक यहां केवल शारदीय नवरात्रि में ही प्रतिमा स्थापित होती थी, लेकिन अब भक्त बासंती पूजा में भी विधि-विधान से पूजन, भोग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे।
22 जनवरी को सामान्य ज्ञान और भाषण प्रतियोगिता में भिड़ेंगे स्कूली छात्र
समारोह की शुरुआत 22 जनवरी को सुबह नेताजी सुभाष चंद्र बोस के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित प्रतियोगिताओं से होगी। समिति ने नई पीढ़ी को नेताजी के आदर्शों से जोड़ने के लिए विशेष रूप से स्कूली बच्चों को इसमें शामिल किया है। शहर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं सुबह आयोजित होने वाली सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता और भाषण प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और नेताजी के योगदान को गहराई से समझने का मौका मिलेगा, जो इस आयोजन का एक प्रमुख उद्देश्य है।
प्रियदर्शनी नाट्य संस्था के नाटक और सरस्वती पूजन से गुलजार होगा 23 जनवरी का दिन
23 जनवरी का दिन धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से भरा रहेगा। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सुबह मां सरस्वती का पूजन, पुष्पांजलि और भोग वितरण होगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे से चित्रकला और बांग्ला काव्य पाठ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। शाम 5 बजे नेताजी पर एक विचार गोष्ठी होगी। शाम 7:30 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में “प्रियदर्शनी नाट्य संस्था” द्वारा एक विशेष नाटक का मंचन किया जाएगा। इस नाटक के समापन के बाद सभी विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा, जो कलाकारों और छात्रों के लिए प्रोत्साहन का क्षण होगा।