गोरखपुर: महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय ने नए साल में मरीजों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर ली है। अब मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए घंटों या अगले दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। विश्वविद्यालय अत्याधुनिक मशीनों के जरिए अपनी पैथोलॉजी सेवाओं को पूरी तरह हाईटेक करने जा रहा है, जिससे डायग्नोस्टिक और उपचार की प्रक्रिया बेहद तेज और सुगम हो जाएगी।
खून-पेशाब की जांच रिपोर्ट केवल 15 मिनट में
नए साल में पैथोलॉजी लैब में ऐसी अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं जो चिकित्सा सेवाओं में क्रांति ला देंगी। इन नई मशीनों की मदद से खून, पेशाब और अन्य जटिल जांचों की रिपोर्ट तैयार होने में महज 15 मिनट का समय लगेगा। इससे ओपीडी और आईपीडी के मरीजों का इलाज तुरंत शुरू हो सकेगा और उन्हें रिपोर्ट लेने के लिए दोबारा अस्पताल आने की भागदौड़ से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।
एक साथ 100 मरीजों के ब्लड सैंपल की होगी जांच
कुलपति डॉ. के रामचंद्र रेड्डी के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने नई मशीनों की खरीद के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। जल्द स्थापित होने वाली इन मशीनों की कार्यक्षमता इतनी अधिक है कि ये एक बार में 100 रोगियों के ब्लड सैंपल की सटीक जांच करने में सक्षम हैं। बता दें कि वर्तमान में यहाँ जर्मन तकनीक की ‘हेमेटोलॉजी पार्ट-फाइव’ मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है, जहाँ 50 से अधिक जांचें न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध हैं।
सॉफ्टवेयर अपडेट: डॉक्टर और मरीज को व्हाट्सएप पर रिपोर्ट
डिजिटल इंडिया की तर्ज पर मरीजों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय अपने सॉफ्टवेयर को विशेष रूप से अपडेट कर रहा है। मशीन से रिपोर्ट जनरेट होते ही यह ऑटोमैटिक सिस्टम के जरिए सीधे मरीज और इलाज कर रहे डॉक्टर के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप पर भेज दी जाएगी। 12 नवंबर 2025 को पैथोलॉजी के उद्घाटन के बाद से अब तक यहाँ सवा चार सौ रोगियों की जांच की जा चुकी है।