गोरखपुर: क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग में भारी-भरकम मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने शहर के एक प्रतिष्ठित व्यापारी को 93.61 लाख रुपये का चूना लगा दिया है। जालसाजों ने व्यापारी को 30 दिन में दोगुना मुनाफा देने का लालच दिया और 28 अक्टूबर से 14 नवंबर, 2025 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में यह बड़ी रकम जमा करवा ली। पुलिस ने व्यवसायी की शिकायत पर अज्ञात जालसाजों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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30 दिन में दोगुना मुनाफे का दिया था लालच
मिर्जापुर (राजघाट) के रहने वाले व्यवसायी विजय आनंद लोहिया ने इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जालसाजों ने पहले उन्हें एक लिंक भेजा और यूएसडीटी (USDT) स्टेकिंग व ट्रेडिंग के नाम पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। ठगों ने उन्हें पूरी तरह भरोसा दिलाया कि उनके निवेश पर 30 दिन में मोटा मुनाफा मिलेगा। विश्वास मजबूत करने के लिए, पहली बार में एक लाख रुपये जमा कराने के बाद, ठगों ने उन्हें प्लेटफॉर्म पर कैलकुलेटेड प्रॉफिट भी दिखाया। इस विश्वास के आधार पर, पीड़ित व्यापारी ने क्रिप्टो में निवेश, यूएसडीटी खरीदने, स्टेकिंग और मेंटेनेंस फीस के नाम पर कई किश्तों में अपनी गाढ़ी कमाई ट्रांसफर कर दी।
17 दिन में 93.61 लाख की रकम हुई ट्रांसफर
साइबर ठगों ने महज 17 दिनों के भीतर व्यापारी से 93.61 लाख रुपये की मोटी रकम विभिन्न खातों में जमा करवा ली। जब व्यापारी ने मुनाफे की मांग की, तो ठगों ने बताया कि उनकी पूरी रकम ट्रेडिंग में डूब गई है, जिसे ‘ट्रेडिंग लॉस’ बताकर टाल दिया गया। व्यापारी को तब पता चला कि वह ठगी का शिकार हो चुके हैं। इस पूरे दौरान जालसाज चैट और कॉल के माध्यम से लगातार व्यापारी के संपर्क में बने रहे।
पुलिस गहन जांच में जुटी, एसपी क्राइम का बयान
इस बड़े क्रिप्टो फ्रॉड की जानकारी मिलते ही पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) क्राइम सुधीर जायसवाल के अनुसार, अज्ञात साइबर जालसाजों की तलाश की जा रही है। पुलिस उन सभी बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की गहन जांच कर रही है जिनमें पीड़ित ने पैसे ट्रांसफर किए थे। पुलिस अधिकारियों ने आम जनता को भी क्रिप्टो और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर किए जा रहे ऐसे लुभावने ऑफर्स से सतर्क रहने की अपील की है।


