गोरखपुर: राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद (State Employees Joint Council) और राजकीय सिविल पेंशनर परिषद (Government Civil Pensioner Council) ने केंद्र सरकार से आठवें वेतन आयोग (Eighth Pay Commission) के तहत पेंशनरों को मिलने वाले संभावित लाभों पर तत्काल एक श्वेतपत्र (White Paper) जारी करने की मांग की है। गोरखपुर में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया, जहां परिषद के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गजट में पेंशनरों का उल्लेख न होने के कारण वे लाभों को लेकर संशय में हैं। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने पारदर्शिता नहीं बरती और उनकी चिंताओं को दूर नहीं किया, तो सेवानिवृत्त कर्मचारी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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पेंशनरों को फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम पेंशन की मिले स्पष्ट जानकारी
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, जनपद-गोरखपुर के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव की अगुआई में कोषागार स्थित पेंशनर सभागार में यह बैठक आयोजित की गई थी। रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने केंद्र सरकार से मांग की कि आगामी संसद सत्र में कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनरों के हित को भी ध्यान में रखा जाए और श्वेतपत्र के माध्यम से निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए:
- आठवें वेतन आयोग में पेंशनरों का प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर क्या होगा।
- नई वेतन संरचना का पेंशन पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
- महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) की गणना के लिए क्या मानक तय किए गए हैं।
- पेंशनरों के लिए अतिरिक्त राहत उपायों पर सरकार का क्या विचार है।
पुरानी पेंशन बहाली और डीए एरियर जारी करने की मांग
परिषद के संरक्षक अशोक पांडेय ने अपनी बात रखते हुए पुरानी पेंशन बहाली (Old Pension Scheme Restoration) की आवश्यकता पर बल दिया, क्योंकि यह पेंशनर के जीवन में आर्थिक सुरक्षा का आधार है। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता बरतने की अपील करते हुए कुछ अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। इनमें कोरोना काल में डेढ़ वर्ष तक ‘फ्रीज’ किए गए महंगाई भत्ता (DA) का एरियर तत्काल जारी करना और पेंशनरों को मिलने वाली रेल किराया रियायत को बहाल करना शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने आगामी बजट में पेंशनरों को प्रत्येक 5 वर्ष पर अतिरिक्त महंगाई भत्ता दिए जाने की व्यवस्था शुरू करने की भी मांग की, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वित्तीय संबल मिल सके।
बुढ़ापे की लाठी लेकर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे पेंशनर
इस अवसर पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने इन मांगों का समर्थन किया। संरक्षक अशोक पांडेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार को श्वेतपत्र जारी कर देशभर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जल्द से जल्द आश्वस्त करना चाहिए। उन्होंने चेताया कि यदि सरकार ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और पेंशनरों की वित्तीय सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं किया, तो सेवानिवृत्त कर्मचारी अपनी ‘बुढ़ापे की लाठी लेकर आंदोलन’ करने के लिए विवश होंगे। बैठक में वरिष्ठ कर्मचारी नेता नरसिंह प्रसाद, पंडित श्याम नारायण शुक्ल, इ० श्रीनाथ गुप्ता, आई सी पी एन सिंह, सुभाष चंद्र उपाध्याय सहित तमाम कर्मचारी और पेंशनर उपस्थित रहे।


