गोरखपुर: जिलाधिकारी (डीएम) दीपक मीणा ने शुक्रवार की दोपहर सहजनवा तहसील का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय परिसर में गंदगी और कंट्रोल रूम के संचालन में कमी को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की। लापरवाही के चलते डीएम ने तत्काल प्रभाव से नाजिर सत्य प्रकाश दुबे को प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) देने का आदेश दिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने चुनाव से संबंधित तैयारियों की गहनता से जांच की और हकीकत जानने के लिए दो बूथों पर स्वयं एसआईआर डाटा फीड करके देखा।
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गंदगी और कंट्रोल रूम की अनुपस्थिति पर नाराजगी
डीएम दीपक मीणा ने तहसील परिसर में पहुंचते ही हर ओर फैली गंदगी देखकर असंतोष जाहिर किया। उन्होंने सभागार का निरीक्षण करने के बाद कंट्रोल रूम की स्थापना और उसके संचालन की जानकारी ली। डीएम निरीक्षण सहजनवा तहसील के दौरान कंट्रोल रूम के संचालन में कमी पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार के कोर्ट का भी निरीक्षण किया और कामकाज का जायजा लिया।
नाजिर पर गिरी गाज, काम से थे असंतुष्ट
निरीक्षण के दौरान डीएम नाजिर सत्य प्रकाश दुबे के कार्यों से असंतुष्ट पाए गए। उनकी कार्यप्रणाली में कमी और लापरवाही को देखते हुए डीएम ने तुरंत नाजिर को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का आदेश दिया। चुनाव कक्ष में पहुंचकर उन्होंने कार्य में लगे कर्मियों से भी जानकारी ली। डीएम की इस त्वरित कार्रवाई से तहसील कर्मियों में हड़कंप मच गया।
खुद बूथों पर जाकर फीड किया एसआईआर डाटा
तहसील कार्यालय के निरीक्षण के बाद डीएम चुनाव संबंधी तैयारियों को जांचने के लिए सीधे फील्ड में उतर गए। वह सबसे पहले एसआईआर डाटा फीड की सबसे कम प्रगति वाले सहजनवा तहसील के बूथ संख्या 156 डोमहर माफी पहुंचे। उन्होंने यहाँ बीएलओ से प्रपत्र की जानकारी ली और स्वयं वापस आए प्रपत्र को भरकर दिखाया।
इसके अलावा, डीएम ने बूथ संख्या 157 व 158 बसिया पिंक बूथ पर भी पहुंचकर एसआईआर की प्रगति देखी और स्वयं फार्म का डाटा फीड कर कर्मचारियों को सही प्रक्रिया समझाई। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार आरके कन्नौजिया, आरके अरुण गुप्ता, नाजिर सत्य प्रकाश दुबे, लेखपाल वरुण सिंह आदि मौजूद रहे।