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संकट के दौर में साहित्य के मूल्यों को जगाना होगा: प्रो. चितरंजन

संकट के दौर में साहित्य के मूल्यों को जगाना होगा: प्रो. चितरंजन

मुंबई: स्वरसंगम फाउंडेशन की ओर से मीरा रोड के पूनम सागर विरुंगला केंद्र में बीते रविवार को एक बौद्धिक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में गोरखपुर से पधारे वरिष्ठ आलोचक प्रो. चितरंजन मिश्र ने मौजूदा समय की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों का गहरा विश्लेषण करते हुए अपने संघर्षपूर्ण जीवन अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी राजनीतिक शक्तियां आज समाज में संकीर्ण सांप्रदायिक सोच को बढ़ावा दे रही हैं, ऐसे में उदार और लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाना बुद्धजीवियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। कार्यक्रम में प्रसिद्ध कवि-लेखक विनोद दास मुख्य अतिथि थे, जबकि मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व आचार्य डॉ. हूबनाथ पांडेय ने संगोष्ठी की अध्यक्षता की। गोष्ठी का संचालन डॉ. रीता दास राम ने किया।

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गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. चितरंजन मिश्र ने अपने शैक्षणिक आंदोलन के अनुभवों को साझा करते हुए राजनीतिक शक्तियों पर संकीर्ण सांप्रदायिक सोच को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट के इस दौर में बौद्धिकों और साहित्यक कार्यकर्ताओं में साहस और ईमानदारी की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने स्वराज्य के लिए किए गए महात्मा गांधी के सत्याग्रह को याद दिलाते हुए कहा कि हमें एक बार फिर इतिहास से सीखने की जरूरत है।

मुख्य अतिथि विनोद दास ने प्रो. मिश्र के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि हमें समान विचारधारा के लोगों के बीच अनवरत संवाद बनाए रखना चाहिए और अपनी बात को बेझिझक होकर कहनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह सावधानी बरतने को भी कहा कि हमारी पहचान का दुरुपयोग न हो। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. हूबनाथ पांडेय ने युवा पीढ़ी को जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें नौजवान पीढ़ी के साथ जुड़ने का प्रयास करना चाहिए और उसे इतिहास की सही जानकारी मुहैया करानी चाहिए।

परिचर्चा में पत्रकार-कवि हरि मृदुल, रमन मिश्र, पुलक चक्रवर्ती, अभिनेता दिनेश शाकुल, और नाट्यकर्मी अजय रोहिल्ला सहित कई अन्य लोगों ने भाग लिया और मौजूदा समय के संकटों पर अपनी विवेचना प्रस्तुत की। इस अवसर पर, डॉ. रीता दास राम और हृदयेश मयंक ने प्रमुख अतिथियों को अपनी पुस्तकें भेंट कीं। कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ कवि लेखक हृदयेश मयंक ने किया, और प्रसिद्ध ग़ज़लकार राकेश शर्मा ने आभार व्यक्त किया।


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Priya Srivastava

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Priya Srivastava दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में परास्नातक हैं. गोगोरखपुर.कॉम के लिए इवेंट, एजुकेशन, कल्चर, रिलीजन जैसे टॉपिक कवर करती हैं. 'लिव ऐंड लेट अदर्स लिव' की फिलॉसफी में गहरा यकीन.

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