गोरखपुर: मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित आठ दिवसीय हाइब्रिड फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का बुधवार को समापन हुआ। “एक्सप्लेनेबल एआई में प्रक्रिया-केन्द्रित एवं पुरस्कार-आधारित व्याख्येय मॉडल” विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को समाज के लिए जिम्मेदार और पारदर्शी बनाने पर मंथन किया।
एआई के फैसलों में पारदर्शिता और विश्वसनीयता अनिवार्य: प्रो. वी. के. गिरी
समापन सत्र के मुख्य अतिथि और डीन (फैकल्टी अफेयर्स) प्रो. वी. के. गिरी ने अपने संबोधन में कहा कि एआई अब केवल शोध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गेमिंग, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और प्रशासन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। उन्होंने जोर दिया कि एआई प्रणालियों का ‘एक्सप्लेनेबल’ होना अत्यंत आवश्यक है ताकि उनके द्वारा लिए गए निर्णयों की वैधता और नैतिकता सुनिश्चित की जा सके। इससे तकनीक को समाज में अधिक विश्वसनीयता मिलेगी।
शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी कम करेगा यह कार्यक्रम
विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस एफडीपी का उद्देश्य प्रतिभागियों को नवीनतम एआई तकनीकों और व्यावहारिक अनुप्रयोगों से जोड़ना था। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के आयोजन संकाय सदस्यों और शोधार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे और उद्योग-शिक्षा सहयोग को और अधिक सशक्त बनाएंगे।
विशेषज्ञों और प्रतिभागियों को मिले प्रमाण पत्र
कार्यक्रम के दौरान देश भर से जुड़े प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और सत्रों की अकादमिक गुणवत्ता की सराहना की। सत्र के अंत में सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक डॉ. सत्य प्रकाश यादव, डॉ. सुमित कुमार और सह-संयोजक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह व डॉ. पवन कुमार मल्ल की मुख्य भूमिका रही, जिन्होंने तकनीकी रिपोर्ट प्रस्तुत कर सभी का आभार व्यक्त किया।