गोरखपुर: शहर में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने निजी क्षेत्र द्वारा विकसित की जा रही नई इंटीग्रेटेड टाउनशिप में EWS और LIG वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण अनिवार्य कर दिया है। प्राधिकरण ने तीन निजी कंपनियों को कुल 241 एकड़ में प्रोजेक्ट विकसित करने का लाइसेंस जारी किया है।
ओमेक्स और ऐश्प्रा समेत तीन निजी कंपनियां 241 एकड़ में बसाएंगी टाउनशिप
निजी क्षेत्र की तीन दिग्गज कंपनियां अब गोरखपुर के नक्शे को बदलेंगी। ओमेक्स सोनौली मार्ग पर 120 एकड़, ऐश्प्रा समूह देवरिया बाईपास के पास 75 एकड़ और जीत एसोसिएट्स रामनगर कड़जहा में 46 एकड़ में आधुनिक टाउनशिप विकसित करेंगे। इन सभी परियोजनाओं की विस्तृत कार्ययोजना (DPR) अगले 15 से 20 दिनों में प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत कर दी जाएगी।
पाम पैराडाइज की तर्ज पर EWS-LIG वर्ग के लिए 10 प्रतिशत घर आरक्षित
शहर में पहली बार निजी बिल्डरों के लिए यह शर्त रखी गई है कि वे अपनी टाउनशिप में 10 प्रतिशत आवास आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के लिए आरक्षित रखें। पाम पैराडाइज प्रोजेक्ट में मात्र 120 फ्लैटों के लिए 9,000 से अधिक आवेदन आने के बाद प्राधिकरण ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है, ताकि गरीबों को निजी सेक्टर में भी घर मिल सके।
गेटेड टाउनशिप में स्कूल-अस्पताल के साथ मिलेगी 24 घंटे बिजली-पानी की सुविधा
ये टाउनशिप पूरी तरह ‘गेटेड’ होंगी, जहां आरक्षित वर्ग के लोगों को भी स्कूल, अस्पताल, पार्क और चौड़ी सड़कों जैसी प्रीमियम सुविधाएं मिलेंगी। जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन के अनुसार, इन योजनाओं में जल निकासी, हरियाली और बिजली-पानी की विश्वस्तरीय व्यवस्था होगी। इससे निम्न आय वर्ग के लोगों को भी पॉश इलाकों जैसा उच्च जीवन स्तर प्राप्त हो सकेगा।