गोरखपुर: पुलिस लाइंस के भीतर निर्माण कार्य का सब-कॉन्ट्रैक्ट दिलाने के नाम पर बिहार के एक उद्यमी से 52 लाख रुपये की बड़ी ठगी का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित शिव कुमार की शिकायत पर गोरखपुर की कैंट पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों और उनकी फर्म के खिलाफ जालसाजी व साजिश का मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस लाइंस में दिखाई ₹36.57 करोड़ की फर्जी साइट
जालसाजों ने पीड़ित शिव कुमार को झांसा देने के लिए गोरखपुर पुलिस लाइंस के भीतर एक कथित प्रोजेक्ट साइट का दौरा कराया। आरोपी संतोष तिवारी और निखिल जैन ने दावा किया कि उन्हें करोड़ों का सरकारी काम मिला है। इस फर्जीवाड़े में पीड़ित को 36.57 करोड़ रुपये के बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाने का लालच दिया गया था।
5 फरवरी 2024 को दिल्ली में हुआ फर्जी लिखित समझौता
ठगी को आधिकारिक रूप देने के लिए 5 फरवरी 2024 को दिल्ली के पंचशील एन्क्लेव में एक औपचारिक लिखित समझौता किया गया। आरोपियों ने पीड़ित पर दबाव बनाकर ‘एसके कंस्ट्रक्शन’ के खाते में अलग-अलग किस्तों में कुल 52 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। यह पूरी साजिश इतनी सुनियोजित थी कि पीड़ित को शुरुआत में कागजी कार्रवाई पर शक नहीं हुआ।
पैसा वापस मांगने पर मिली जान से मारने की धमकी
जब लंबा समय बीतने के बाद भी काम आवंटित नहीं हुआ, तो पीड़ित ने आंतरिक जांच की जिसमें ठेके का दावा झूठा निकला। 28 मई को पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने शिव कुमार को जान से मारने की धमकी दी। फिलहाल एसएसपी के निर्देश पर कैंट पुलिस ने संतोष, निखिल और सुरेश जैन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।