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Gorakhpur News: पुरानी पेंशन के लिए कर्मचारियों का हल्लाबोल, 1 जनवरी से अंतरिम राहत देने की उठी मांग

Gorakhpur News: पुरानी पेंशन के लिए कर्मचारियों का हल्लाबोल, 1 जनवरी से अंतरिम राहत देने की उठी मांग

गोरखपुर: राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने नववर्ष के अवसर पर पुरानी पेंशन (OPS) बहाली की मांग को लेकर हुंकार भरी है। तारामंडल रोड पर आयोजित बैठक में अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव ने सरकार से कॉरपोरेट नीति त्यागने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी सुरक्षित भविष्य चाहते हैं और 1 जनवरी 2026 से अंतरिम राहत प्रदान करना अब अनिवार्य हो गया है।

97 फीसदी कर्मचारियों ने ठुकराई यूपीएस

परिषद के अध्यक्ष ने एक महत्वपूर्ण तथ्य साझा करते हुए बताया कि अब तक लगभग 97 प्रतिशत कर्मचारियों ने एकीकृत पेंशन योजना (UPS) का विकल्प नहीं चुना है। यह आंकड़ा इस नई व्यवस्था के प्रति कर्मचारियों के गहरे अविश्वास को दर्शाता है। कर्मचारियों ने दोटूक कहा कि वे शेयर आधारित किसी भी पेंशन व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेंगे और सरकार को शीघ्र पुरानी पेंशन बहाल करनी चाहिए।

3.86 फिटमेंट फैक्टर और अंतरिम राहत की जोरदार मांग

वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित श्याम नारायण शुक्ल ने आर्थिक मुद्दों पर जोर देते हुए मांग की कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.86 से कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि बढ़ती महंगाई में बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य खर्चों के लिए यह आवश्यक है। जब तक आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं होती, तब तक 01 जनवरी 2026 से कर्मचारियों को अंतरिम राहत दी जानी चाहिए।

18 माह का बकाया डीए एरियर और बुजुर्ग पेंशनरों को रियायत

महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने सरकार से मांग की कि कोरोना काल में फ्रीज किए गए 18 माह के डीए/डीआर एरियर का तत्काल भुगतान किया जाए। साथ ही, उन्होंने एक यूनिक मांग रखते हुए कहा कि 65, 70 और 75 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर पेंशनरों की पेंशन में 20% की स्वतः वृद्धि की जानी चाहिए। इसके अलावा, बुजुर्गों के लिए रेलवे किराए में रियायत फिर से बहाल करने पर भी जोर दिया गया।


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Jagdish Lal

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हिंदी पत्रकारिता से करीब चार दशकों तक सक्रिय जुड़ाव. संप्रति: लेखन, पठन-पाठन.

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