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गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर कथक पेश करेंगी शहर की बेटी श्रेयांशी, संगीत नाटक अकादमी ने किया चयन

गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर कथक पेश करेंगी शहर की बेटी श्रेयांशी, संगीत नाटक अकादमी ने किया चयन

गोरखपुर: गोरखपुर के लिए आगामी गणतंत्र दिवस ऐतिहासिक होने वाला है। शहर की प्रतिभावान कथक नृत्यांगना श्रेयांशी श्रीवास्तव का चयन 26 जनवरी को दिल्ली के कर्तव्य पथ (राजपथ) पर होने वाली प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रस्तुति के लिए किया गया है। संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली के विशेष आमंत्रण पर श्रेयांशी इस भव्य समारोह का हिस्सा बनेंगी। प्रवीर आर्य की सुपुत्री श्रेयांशी की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गोरखपुर जनपद का मान राष्ट्रीय पटल पर बढ़ा दिया है। यह चयन उनकी वर्षों की कठोर साधना और शास्त्रीय कला के प्रति समर्पण का परिणाम है।

प्रतिनिधित्व: भातखंडे विश्वविद्यालय की ओर से पेश करेंगी ‘भारत की आत्मा’: इस ऐतिहासिक अवसर पर श्रेयांशी श्रीवास्तव भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगी। कर्तव्य पथ पर उनकी प्रस्तुति केवल नृत्य मात्र नहीं होगी, बल्कि कथक की मुद्राओं के जरिए वे भारत की सांस्कृतिक विविधता, शास्त्रीय परंपरा और राष्ट्रीय एकता को सजीव करेंगी। जानकारों के मुताबिक, गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य मंच पर प्रस्तुति देना किसी भी शास्त्रीय कलाकार के लिए करियर का सर्वोच्च सम्मान होता है। उनके पद-संचालन में ताल की दृढ़ता और भावाभिनय में राष्ट्र की चेतना का स्पंदन पूरी दुनिया देखेगी।

सफलता: अंडमान-निकोबार में 5 दिन तक गूंजी थी घुंघरुओं की खनक: दिल्ली के इस बड़े मंच तक पहुँचने से ठीक पहले श्रेयांशी ने सुदूर द्वीपों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हाल ही में पर्यटन विभाग के आमंत्रण पर उन्होंने 27 से 31 दिसंबर तक अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में कथक की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दी थीं। समुद्र किनारे उनकी परफॉरमेंस ने वहां मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। अंडमान की उन सफल प्रस्तुतियों ने ही यह संकेत दे दिया था कि गोरखपुर की यह बेटी अब राष्ट्रीय क्षितिज पर चमकने के लिए तैयार है।

प्रेरणा: प्रवीर आर्य की बेटी की उड़ान, युवाओं के लिए बनी मिसाल: श्रेयांशी की यह यात्रा गोरखपुर के सांस्कृतिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। यह उपलब्धि शहर के युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश है कि अगर साधना सच्ची हो, तो छोटे शहर की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय शिखर को स्पर्श कर सकती हैं। प्रवीर आर्य के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। गुरुजन, कला-प्रेमी और सामाजिक संगठन एक स्वर में अपनी ‘यशस्वी बेटी’ को शुभकामनाएं दे रहे हैं। पूरा शहर 26 जनवरी को अपनी बेटी को टीवी स्क्रीन पर कर्तव्य पथ पर थिरकते हुए देखने के लिए उत्साहित है।

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Priya Srivastava

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Priya Srivastava दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में परास्नातक हैं. गोगोरखपुर.कॉम के लिए इवेंट, एजुकेशन, कल्चर, रिलीजन जैसे टॉपिक कवर करती हैं. 'लिव ऐंड लेट अदर्स लिव' की फिलॉसफी में गहरा यकीन.

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