गोरखपुर: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘राष्ट्रीय युवा महोत्सव 2026’ में उत्तर प्रदेश की झोली में बड़ी उपलब्धि आई है। गोरखपुर की लोकनृत्य टीम ने पूर्वांचल के पारंपरिक ‘फरुवाही’ नृत्य की शानदार प्रस्तुति देते हुए देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। 9 से 12 जनवरी तक चले इस महोत्सव में यूपी की टीम ने अपनी ऊर्जावान कला से निर्णायक मंडल को प्रभावित किया। इस ऐतिहासिक जीत से जनपद समेत पूरे प्रदेश के कला जगत में हर्ष का माहौल है।
28 राज्यों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा में चमका उत्तर प्रदेश
भारत मंडपम में आयोजित इस चार दिवसीय महोत्सव में देश के 28 राज्यों और 7 केंद्रशासित प्रदेशों के लगभग दो हजार से अधिक कलाकारों ने हिस्सा लिया था। गायन, नाटक और शास्त्रीय संगीत जैसी विभिन्न श्रेणियों के बीच लोकनृत्य प्रतियोगिता सबसे चुनौतीपूर्ण रही। इस कड़े मुकाबले में गुजरात की टीम ने प्रथम और पंजाब ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि गोरखपुर के कलाकारों ने अपनी सटीक ताल-लय के दम पर उत्तर प्रदेश को टॉप-3 में शामिल कराया।
संदीप यादव और पवन पंक्षी के नेतृत्व में फरुवाही का जलवा
गोरखपुर की इस सफल टीम का नेतृत्व संदीप यादव और पवन पंक्षी ने किया, जिन्होंने मंच पर पूर्वांचल की सांस्कृतिक पहचान ‘फरुवाही’ को जीवंत कर दिया। टीम के सदस्य सत्यम, शिवम, आनंद, गोकुलानंद, घनश्याम, स्मित, यथार्थ, कौशल, डिसीजन और विनय ने पारंपरिक वेशभूषा में सामूहिक समन्वय का ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। गोरखपुर के ज़िला युवा कल्याण अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि कलाकारों की इस मेहनत ने लुप्त हो रही लोक विधाओं को राष्ट्रीय फलक पर नई संजीवनी देने का काम किया है।
ब्लॉक से राष्ट्रीय स्तर तक का सफर रहा प्रेरणादायक
युवा कल्याण विभाग के माध्यम से मिली यह सफलता किसी चमत्कार से कम नहीं है, क्योंकि इस टीम ने पहले जनपद, फिर मंडल और अंत में राज्य स्तर की प्रतियोगिता जीतकर राष्ट्रीय मंच तक का सफर तय किया था। विभाग ने टीम की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह जीत न केवल प्रदेश की लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाएगी, बल्कि ग्रामीण परिवेश के अन्य युवा कलाकारों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।