गोरखपुर: पूर्वांचल में सेवा और समर्पण के एक महान युग का अंत हो गया है। गोरखपुर कैथोलिक डायोसीज़ के संस्थापक और पूर्व बिशप डॉमिनिक कोक्कट (93) (Bishop Dominic Kokkat)का शनिवार सुबह 10.30 बजे निधन हो गया। केरल के वैकोम में जन्मे बिशप डॉमिनिक ने अपना संपूर्ण जीवन गरीबों और शोषितों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया था। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए सेंट जोसेफ्स कैथेड्रल में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
1984 में संभाली थी नव-स्थापित डायोसीज़ की कमान
बिशप डॉमिनिक कोक्कट को 4 अक्टूबर, 1984 को गोरखपुर के नवनिर्मित कैथोलिक डायोसीज़ का पहला बिशप नियुक्त किया गया था, जिसके बाद 14 अक्टूबर को उन्होंने विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। युवावस्था में ही लिटिल फ्लावर धर्म संस्था से जुड़कर संन्यास लेने वाले डॉमिनिक ने उत्तर प्रदेश के पिछड़े इलाकों को अपनी कर्मभूमि बनाया। उनके नेतृत्व में डायोसीज़ ने न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्र में भी गोरखपुर को एक नई पहचान दी, जिससे हज़ारों वंचित परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव आया।
पीजीएसएस के जरिए महिला सशक्तिकरण की मिसाल
समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की चिंता करते हुए बिशप डॉमिनिक ने साल 1986 में ‘पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति’ (PGSS) नामक स्वैच्छिक संगठन की स्थापना की थी। इस संस्था के माध्यम से उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास के अभूतपूर्व कार्य किए। उनके इस विजन की बदौलत हजारों ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनीं। वह मानते थे कि जब तक महिलाएं सशक्त नहीं होंगी, तब तक समाज का वास्तविक विकास संभव नहीं है, इसी उद्देश्य के लिए उन्होंने दशकों तक जमीनी स्तर पर संघर्ष किया।
फातिमा अस्पताल की नींव और अंतिम विदाई का समय
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा योगदान देते हुए उन्होंने वर्ष 1995 में गोरखपुर के प्रसिद्ध ‘फातिमा अस्पताल’ की नींव रखी, जो आज क्षेत्र का प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। बिशप का पार्थिव शरीर 26 जनवरी की दोपहर से 27 जनवरी दोपहर 2 बजे तक सेंट जोसेफ्स कैथेड्रल, सिविल लाइंस में दर्शनार्थ रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार 27 जनवरी को दोपहर 2.30 बजे होगा, जिसमें सीरो मलाबार चर्च के प्रमुख मेजर आर्च बिशप रफेल थट्टिल सहित देश भर के कई दिग्गज बिशप और धर्मगुरु शामिल होकर उन्हें अंतिम विदाई देंगे।