गोरखपुर: खोराबार इलाके में एक व्यक्ति ने बीएलओ पर मौजूदा ग्राम प्रधान के इशारे पर बाहरी लोगों और नाबालिगों का नाम त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में जोड़ने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जब उसने इस फर्जीवाड़े का विरोध किया, तो उस पर हमला करने का प्रयास किया गया। पीड़ित ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। फिलहाल मामला पुलिस तक पहुंच गया है और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दी है।
15 साल के किशोरों का बना दिया आधार कार्ड
खोराबार ब्लॉक के गौरी मंगलपुर निवासी तेजप्रताप चौधरी का आरोप है कि बीएलओ दीपक यादव नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं। आरोप है कि वे घर-घर जाकर सर्वे करने के बजाय प्रधान के घर बैठकर ही कागजी खानापूर्ति करते हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि गांव में 15 से 16 साल के किशोरों के फर्जी आधार कार्ड बनवाकर उन्हें 18 साल का दिखाया गया और उनके नाम वोटर लिस्ट में चढ़ा दिए गए। ऐसे करीब 25-30 फर्जी नाम जोड़े गए हैं। जब शिकायतकर्ता ने बीडीओ से शिकायत कर कंप्यूटर पर जांच करवाई, तो उसके द्वारा दिए गए नाम सही पाए गए, लेकिन बीएलओ ने रंजिश के चलते फिर भी दर्जनों नाम लिस्ट से गायब कर दिए।
‘3 स्कर्पियो से आए लोगों ने घेरा’
बताया जा रहा है कि फर्जी वोटरों को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि नौबत मारपीट तक आ गई। तेजप्रताप चौधरी ने बताया कि उसे फोन पर धमकियां दी गईं और मिलने के लिए बुलाया गया। जब वह बात करने के लिए ऊंचगांव के पास बंधे पर पहुंचा, तो वहां पहले से ही एक सुनियोजित साजिश के तहत तीन स्कर्पियो गाड़ियों में भरकर आए लोग मौजूद थे। देखते ही देखते उन लोगों ने उसे घेर लिया। चूंकि शाम का वक्त था और सड़क पर ग्रामीणों की आवाजाही थी, इसलिए भीड़ जुटने लगी। पब्लिक को आता देख हमलावर वहां से हटे और पीड़ित ने भागकर अपनी जान बचाई। पीड़ित ने पुलिस से गैस गोदाम के पास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की है।
’40 सफाई कर्मियों ने थाने पर बनाया दबाव’
तेजप्रताप का कहना है कि बीएलओ सफाई कर्मी पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपने विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज डालकर पूरे ब्लॉक के सफाई कर्मियों को इकट्ठा कर लिया। इसके बाद करीब 30-40 सफाई कर्मियों ने एकजुट होकर खोराबार थाने का घेराव किया और उल्टा उनके ही खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कराने के लिए दबाव बनाया। शिकायतकर्ता का कहना है कि स्थानीय ग्राम प्रधान पिछले 20 साल से पद पर हैं और बीएलओ उनके रिश्तेदार हैं।
तेजप्रताप ने बताया कि उन्होंने खोराबार एसओ से मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए निवेदन किया है, और एसओ ने उन्हें भरोसा दिलाया है। हमने जब खोराबार पुलिस से इस संबंध में बातचीत के लिए संपर्क करने का प्रयास किया तो बात नहीं हो सकी।