गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपने गृह जनपद गोरखपुर के दौरे के दौरान विकास कार्यों और जनहित की योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी। मुख्यमंत्री ने असुरन से पिपराइच तक बन रही महत्वपूर्ण फोरलेन सड़क परियोजना का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण स्थल पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देशित किया कि सड़क निर्माण का कार्य न केवल तय समय सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए, बल्कि इसकी गुणवत्ता के मानकों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
असुरन-पिपराइच फोरलेन की समयबद्धता और गुणवत्ता पर जोर
फोरलेन परियोजना के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से निर्माण की प्रगति की रिपोर्ट ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि बुनियादी ढांचे का विकास शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए असुरन से पिपराइच मार्ग पर कार्य की गति को और तेज करने की आवश्यकता है। सीएम ने कहा कि निर्माणाधीन सड़कों पर तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि भविष्य में जनता को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके और परियोजना की मजबूती लंबे समय तक बरकरार रहे।
बरगदवा और राप्ती नगर रैन बसेरों का औचक निरीक्षण
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ाके की ठंड और शीतलहर के मद्देनजर गोरखपुर के बरगदवा एवं राप्ती नगर स्थित सरकारी रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं को खुद परखा और वहां शरण लिए हुए लोगों से सीधा संवाद कर मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए, जिनसे उन्होंने रैन बसेरों में साफ-सफाई, गद्दे और पर्याप्त सुरक्षा प्रबंधों के बारे में विस्तार से पूछा।
गरीबों को कंबल और भोजन वितरण के साथ सख्त निर्देश
रैन बसेरों के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां निवासरत प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन और ऊनी कंबल वितरित किए। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए कि भीषण शीतलहर के दौरान कोई भी व्यक्ति खुले में सोने को मजबूर न हो। सीएम ने कहा कि जिले के सभी रैन बसेरों में पर्याप्त अलाव, गर्म पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को प्रभावी सरकारी सहायता मिल सके।