गोरखपुर: शहर में अपना आशियाना या दुकान लेने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने अपनी दशकों से खाली पड़ी 100 से अधिक संपत्तियों को बेचने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। प्राधिकरण ने इन अलोकप्रिय संपत्तियों की कीमतों में 25 प्रतिशत तक की बड़ी कटौती करने का निर्णय लिया है। साथ ही, अब खरीदार कुल संशोधित कीमत का मात्र 25 प्रतिशत जमा करके तत्काल कब्जा प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें निर्माण पूरा होने का इंतजार नहीं करना होगा।
‘आदर्श कास्टिंग गाइडलाइन 2025’ से घटेंगे दाम
जीडीए ने अपनी उन संपत्तियों के लिए नई ‘आदर्श कास्टिंग गाइडलाइन 2025’ तैयार की है, जो उच्च कीमतों के कारण सालों से बिक नहीं पा रही थीं। दरअसल, हर साल आवासीय संपत्तियों के दाम 15% और व्यावसायिक के 18% तक बढ़ा दिए जाते थे, जिससे वसुंधरा योजना जैसे 50 लाख के फ्लैट 70 लाख रुपये से ऊपर चले गए थे। अब नई गाइडलाइन के तहत इन बढ़ी हुई दरों को नियंत्रित कर बाजार भाव के अनुकूल बनाया जा रहा है ताकि आम आदमी की पहुंच में ये संपत्तियां दोबारा आ सकें।
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जीडीए टावर और वसुंधरा योजना में सस्ते होंगे फ्लैट-दुकानें
इस नई नीति के दायरे में गोरखपुर के प्राइम लोकेशंस की 100 से अधिक संपत्तियां शामिल हैं। इनमें रामगढ़ताल स्थित वसुंधरा आवासीय योजना और लोहिया एन्क्लेव के करीब 30 फ्लैट्स मुख्य आकर्षण हैं। इसके अलावा, व्यावसायिक श्रेणी में गोलघर स्थित प्रसिद्ध जीडीए टावर के ऑफिस ब्लॉक, फूडकोर्ट और दुकानों के साथ-साथ बुद्धा मिनी मार्ट, बुद्ध विहार और राप्तीनगर की दुकानों के दाम भी काफी कम हो जाएंगे। गोलघर जैसे व्यस्त इलाके में अब व्यापारियों को सवा करोड़ से कम में ऑफिस स्पेस मिलने की उम्मीद है।
मरम्मत के बाद बोर्ड मीटिंग में मिलेगी अंतिम मंजूरी
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन के निर्देशानुसार, आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले प्राधिकरण इन पुरानी संपत्तियों की डेंटिंग-पेंटिंग और आवश्यक मरम्मत कराएगा ताकि खरीदारों को बेहतर स्थिति में यूनिट्स मिलें। कीमतों में कटौती और आवंटन के नए नियमों के इस प्रस्ताव को अगले महीने होने वाली बोर्ड बैठक में अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। बोर्ड की मुहर लगते ही नए सिरे से पंजीकरण और बिक्री की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिससे प्राधिकरण को फंसी हुई बड़ी पूंजी वापस मिलने की उम्मीद है।