गोरखपुर: गोरखपुर जिलाधिकारी के कड़े निर्देशन में मंगलवार को तहसील सहजनवा क्षेत्र में प्रशासन और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विनियमन शुल्क जमा न करने वाले चार ईंट भट्ठों पर औचक छापा मारा गया। एसडीएम सहजनवा, तहसीलदार, खान अधिकारी और पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान भट्ठों पर ईंट पथाई का काम रोक दिया गया और लाखों रुपये मूल्य की कच्ची ईंटें मौके पर ही नष्ट कर दी गईं। इस संयुक्त छापेमारी से क्षेत्र के भट्ठा संचालकों में हड़कंप मच गया है।
बीएस मार्का भट्ठे पर तीन साल से बकाया था शुल्क
सेमरादारी स्थित बीएस मार्का ईंट उद्योग (प्रोपराइटर माधुरी) पिछले 3-4 वर्षों से बिना विनियमन शुल्क जमा किए धड़ल्ले से संचालित हो रहा था। टीम ने मौके पर पहुंचकर सख्त रुख अपनाते हुए यहाँ रखीं कच्ची ईंटों को तोड़वा दिया और पथाई का कार्य तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। इसी प्रकार, कुंडा स्थित जनार्दन यादव बीकेओ और नियामदगंज स्थित आरबीएस ब्रिक फील्ड (प्रोपराइटर कुंवर सिंह) पर भी टीम ने दबिश दी। इन भट्ठों पर भी नियमों की अनदेखी की जा रही थी, जिसके चलते कच्ची ईंटों को क्षतिग्रस्त किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि ब्याज सहित संपूर्ण बकाया धनराशि तत्काल जमा करें, अन्यथा आगे और भी कड़ी कार्रवाई होगी।
पीसीएस ब्रिक फील्ड पर सबसे बड़ी कार्रवाई
निबरहार स्थित पीसीएस ब्रिक फील्ड (प्रोपराइटर मनमोहन सिंह) पर प्रशासन का रुख सबसे ज्यादा सख्त रहा। जाँच में पाया गया कि यह भट्ठा भी विगत 3 वर्षों से बिना कोई शुल्क चुकाए चल रहा था। इस गंभीर लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए संयुक्त टीम ने ईंटों से लदी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को मौके से जब्त कर लिया और उन्हें थाना सहजनवा में बंद करा दिया है। भट्ठा संचालन को तत्काल प्रभाव से सील करने की तर्ज पर बंद कराया गया है। अधिकारियों ने प्रोपराइटर को दो टूक कहा है कि जब तक विनिमय शुल्क की पाई-पाई जमा नहीं होती, तब तक भट्ठे पर कोई कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
शुल्क जमा नहीं किया तो बंद होंगे सभी डिफॉल्टर भट्ठे
इस संयुक्त कार्रवाई के बाद जिलाधिकारी गोरखपुर ने पूरे जनपद के ईंट भट्ठा संचालकों के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने निर्देशित किया है कि जनपद के समस्त ईंट भट्ठा संचालक तत्काल प्रभाव से अपना बकाया विनियमन शुल्क जमा करना सुनिश्चित करें। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान केवल सहजनवा तक सीमित नहीं रहेगा। यदि किसी भी अन्य भट्ठे पर शुल्क बकाया पाया जाता है, तो न केवल उसका संचालन हमेशा के लिए बंद कराया जाएगा, बल्कि नियमानुसार एफआईआर और अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन अब बकायेदारों की पूरी सूची खंगाल रहा है।