गोरखपुर: सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए मनाया जाने वाला माघ मास का पवित्र पर्व ‘तिलकुट चौथ’ (संकष्टी चतुर्थी) आज यानी मंगलवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। घरों में गौरीपुत्र गणेश के प्राकट्य उत्सव की धूम है। महिलाएं अपने परिवार पर आने वाले संकटों को दूर करने के लिए निर्जला व्रत रख रही हैं और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने का इंतजार कर रही हैं।
पंडित उदयभान मिश्र ने बताया कि आज के दिन ग्रहों का विशेष योग बन रहा है। मंगलवार को प्रीति योग का अनुपम संयोग पूरे दिन रहेगा, जो पूजा के लिए अत्यंत शुभ है। चतुर्थी तिथि आज सुबह 08:02 बजे से शुरू हो चुकी है, जो कल सुबह 06:53 तक रहेगी। वहीं, मघा नक्षत्र आज दोपहर 12:18 बजे से अगले दिन तक प्रभावी रहेगा।
इस व्रत का सबसे अहम पड़ाव चंद्र दर्शन है। पंचांग के अनुसार, आज गोरखपुर में चंद्रोदय रात्रि 08:39 बजे होगा। चूंकि यह चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी है, इसलिए रात्रि में चांद निकलने के बाद उन्हें अर्घ्य देकर ही व्रत का पारण किया जाएगा। मान्यता है कि आज से ही संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत का संकल्प लेकर इसे 4 या 14 वर्षों तक नियमित करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
धर्मशास्त्रों के विधान के मुताबिक, आज के दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए नमक और तेल का सेवन पूरी तरह वर्जित बताया गया है। पूजा के दौरान भगवान गणेश को उनकी प्रिय दूर्वा की माला और मोदक (लड्डू) अर्पित करना अनिवार्य है। व्रती दिन भर शुचिता के साथ निराहार रहते हैं और शाम को दोबारा स्नान करके गणेश जी की षोडशोपचार पूजा के बाद ही प्रसाद ग्रहण करते हैं।