गोरखपुर: चौरीचौरा थाना क्षेत्र के चकदहा गांव में 9 महीने से उलझी मां-बेटी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने अब विज्ञान का सहारा लिया है। मामले में चिन्हित 6 संदिग्धों का पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने के लिए पुलिस टीम और संदिग्ध सोमवार को गाजियाबाद के लिए रवाना हो रहे हैं। न्यायालय से मंजूरी मिलने के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस जांच से असली कातिलों का चेहरा बेनकाब होगा।
29 मार्च की रात धारदार हथियार से हुई थी हत्या
करीब 9 माह पूर्व, 29 मार्च को पूनम और उनकी बेटी अनुष्का की सोते समय धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उस खौफनाक रात दूसरी बेटी ने खुद को कमरे में बंद कर जान बचाई थी। उसकी गवाही पर कोटेदार के बेटे को जेल भेजा गया था, लेकिन उसके जमानत पर बाहर आने के बाद पुलिस ने नए सिरे से जांच शुरू की है।
जिले में पहली बार मर्डर मिस्ट्री सुलझाने को होगा टेस्ट
जानकारों के मुताबिक, गोरखपुर जनपद में किसी हत्याकांड का पर्दाफाश करने के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट का इस्तेमाल किए जाने का यह संभवतः पहला मामला है। पुलिस अब तक 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ और 4 दर्जन से अधिक सीडीआर खंगाल चुकी है। इसी सघन जांच और पूछताछ के दौरान मिले 6 नए संदिग्धों को अब इस कड़े ‘सच के इम्तिहान’ से गुजरना होगा।
मंगलवार को गाजियाबाद लैब में होगी वैज्ञानिक जांच
एसपी नॉर्थ ने जानकारी दी है कि मंगलवार को गाजियाबाद स्थित वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र पर संदिग्धों का टेस्ट किया जाएगा। पुलिस को आशंका है कि इस जघन्य हत्याकांड में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही विवेचना की नई दिशा तय की जाएगी और असली गुनहगारों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।