सिटी सेंटर

माघ मेला स्पेशल: गोरखपुर के रास्ते बढ़नी से प्रयागराज तक चलेगी सीधी ट्रेन, जानें पूरा शेड्यूल

गोरखपुर: रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। औड़िहार-प्रयागराज रामबाग स्पेशल ट्रेन (05107/05108) का विस्तार अब बढ़नी तक कर दिया गया है। यह विशेष ट्रेन गोरखपुर के रास्ते बढ़नी और प्रयागराज रामबाग के बीच कुल 27 फेरों में संचालित की जाएगी, जिससे पूर्वांचल के यात्रियों को संगम पहुंचने में आसानी होगी।

थावे-सीवान और मऊ के रास्ते तय होगा लंबा सफर

यह ट्रेन (05107) 1 जनवरी से 17 फरवरी 2026 के बीच विशिष्ट तिथियों पर बढ़नी से शाम 19:50 बजे प्रस्थान करेगी और रात 22:45 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यहाँ से यह कप्तानगंज, थावे, सीवान, मऊ और वाराणसी होते हुए अगले दिन सुबह 11:30 बजे प्रयागराज रामबाग पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन (05108) रात 20:10 बजे चलकर अगले दिन दोपहर 12:10 बजे बढ़नी वापस आएगी।

24 कोच वाली ट्रेन में स्लीपर और जनरल क्लास की सुविधा

माघ मेला में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए इस विशेष गाड़ी की क्षमता बढ़ाई गई है। इसमें साधारण द्वितीय श्रेणी और शयनयान श्रेणी (Sleeper) के 22 कोचों सहित कुल 24 कोच लगाए जाएंगे। यह विशाल रेक संरचना लंबी दूरी तय करने वाले कल्पवासियों और श्रद्धालुओं के लिए आरामदायक और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

झूंसी और छपरा स्पेशल ट्रेनों में भी बढ़ाए गए डिब्बे

इसके अतिरिक्त, रेलवे ने 1 जनवरी 2026 से झूंसी-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन में कोचों की संख्या बढ़ाकर 20 कर दी है, जबकि 2 जनवरी से छपरा-प्रयागराज रामबाग स्पेशल 24 कोचों के साथ चलेगी। एक विशेष व्यवस्था के तहत, 1 जनवरी को औड़िहार-प्रयागराज के बीच चलने वाली गाड़ी मेमू रेक (नंबर 00503) के रूप में संचालित होगी। एनईआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज सिंह ने यह जानकारी दी है।


हमें फॉलो करें

Siddhartha

Siddhartha

About Author

Siddhartha Srivastava का दैनिक जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान, राष्ट्रीय सहारा जैसे समाचार पत्रों में लोकल से लेकर नेशनल डेस्क तक 18 वर्ष का कार्य अनुभव. गत पांच वर्षों से डिज़िटल पत्रकारिता | संपर्क: 9871159904

नया एक्सप्रेसवे: पूर्वांचल का लक, डेवलपमेंट का लिंक महाकुंभ 2025: कुछ अनजाने तथ्य… महाकुंभ 2025: कहानी कुंभ मेले की…
नया एक्सप्रेसवे: पूर्वांचल का लक, डेवलपमेंट का लिंक