गोरखपुर: हरियाणा के अंबाला में हुई 10 लाख रुपये की साइबर ठगी के तार गोरखपुर से जुड़ गए हैं। ठगी की रकम में से तीन लाख रुपये गोरखपुर निवासी विजय वर्मा की पत्नी के खाते में पहुंचने पर अंबाला पुलिस ने दीवान नगर में दबिश दी। इस दौरान स्थानीय पुलिस और हरियाणा पुलिस के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर भारी नोकझोंक हुई।
बिहार के युवक ने मोहरीपुर से ट्रांसफर किए थे ठगी के ₹3 लाख
अंबाला में हुई धोखाधड़ी की जांच में पता चला कि ₹10 लाख की कुल राशि में से ₹3 लाख गोरखपुर के दीवान नगर निवासी विजय वर्मा की पत्नी के खाते में आए थे। पुलिस के मुताबिक, यह पैसा मोहरीपुर में किराए पर रहने वाले एक बिहारी युवक ने भेजा था। आरोपी युवक एचडीएफसी (HDFC) बैंक में थर्ड पार्टी के रूप में खाता खुलवाने का काम करता था।
कोतवाली पुलिस और अंबाला टीम के बीच 90 मिनट तक चली तीखी नोकझोंक
दबिश के दौरान गोरखपुर की कोतवाली पुलिस और अंबाला टीम के बीच विधिक प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया। स्थानीय पुलिस ने बिना कागजी प्रक्रिया और प्रोटोकॉल के आरोपी को ले जाने पर कड़ी आपत्ति जताई, जिससे करीब डेढ़ घंटे तक दोनों टीमों में हाई-वोल्टेज ड्रामा चला। अंततः सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी के हस्तक्षेप और निर्देश के बाद ही अंबाला पुलिस को अनुमति मिली।
निजी बैंक कर्मचारी के पिता विजय वर्मा को हिरासत में लेकर अंबाला ले गई पुलिस
कानूनी गतिरोध सुलझने के बाद अंबाला पुलिस निजी बैंक कर्मी के पिता विजय वर्मा को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। पुलिस का मानना है कि ठगी की रकम को महज 30 मिनट के भीतर कई संदिग्ध बैंक खातों में घुमाया गया था। विजय वर्मा से पूछताछ के जरिए पुलिस अब इस अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों और खातों के नेटवर्क को बेनकाब करेगी।