गोरखपुर: कोतवाली पुलिस ने बैंक चेक में कूटरचना (Forjery) कर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले 10 हजार रुपये के इनामी बदमाश हर्षित मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला यह जालसाज पश्चिम बंगाल से चेक चोरी कर गोरखपुर की बैंक शाखा के जरिए रकम ठिकाने लगाता था।
₹34 हजार के चेक को काट-छांट कर बनाया ₹4.50 लाख
आरोपी ने ‘मेसर्स मैथन स्टील पावर लिमिटेड’ द्वारा जारी 34,102 रुपये के मूल चेक को चालाकी से बदलकर 4,49,702 रुपये कर दिया। यह चेक पश्चिम बंगाल के हावड़ा में बैंक के ड्रॉप बॉक्स से चोरी किया गया था। जालसाजों ने राशि और विवरण में इतनी सफाई से हेराफेरी की कि पहली नजर में बैंक अधिकारी भी धोखाधड़ी को पकड़ नहीं सके।
ठगी को अंजाम देने से ठीक एक महीने पहले गोरखपुर में खुलवाया खाता
पुलिस विवेचना में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि हर्षित मिश्रा ने इस वारदात की साजिश पहले ही रच ली थी। उसने ठगी की रकम निकालने के लिए 7 अक्टूबर 2020 की तारीख तय की थी, लेकिन इसके लिए उसने ठीक एक महीने पहले, 7 सितंबर को गोरखपुर एसबीआई में रेंट एग्रीमेंट और ई-केवाईसी के जरिए नया खाता खुलवा लिया था।
दिल्ली का निवासी और गाजियाबाद में ठिकाना बदलने वाला इनामी अब जेल में
पकड़ा गया आरोपी हर्षित मिश्रा मूल रूप से उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर का निवासी है और पहचान छिपाने के लिए गाजियाबाद की टोनिका सिटी में रह रहा था। लंबे समय से फरार होने के कारण एसएसपी ने उस पर इनाम घोषित किया था। कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।