गोरखपुर: गुलरिहा पुलिस ने शहर में बाइक चोरी का आतंक फैलाने वाले एक शातिर गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गिरोह के सरगना श्यामसुंदर चौहान और उसके साथी विकास चौहान पर ‘गैंगस्टर एक्ट’ के तहत शिकंजा कसा है। शनिवार रात एक नाटकीय घटनाक्रम में पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के सामने से सरगना को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके फरार साथी की तलाश में छापेमारी जारी है।
9 मुकदमों के बाद सरगना पर कसा गया कानूनी शिकंजा
गिरफ्तार आरोपी श्यामसुंदर चौहान कोई मामूली चोर नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ गुलरिहा, चिलुआताल और पिपराइच थानों में पहले से ही 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं। प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह ने बताया कि यह अपराधी जेल से छूटने के बाद भी लगातार वारदातों को अंजाम दे रहा था, जिसे देखते हुए अब उस पर गैंगस्टर एक्ट की सख्त कार्रवाई की गई है।
रिजॉर्ट के सामने खंडहर में छिपाते थे चोरी की बाइकें
पुलिस की पूछताछ में गिरोह के ‘मोडस ऑपरेंडी’ (काम करने के तरीके) का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ये चोर बीआरडी मेडिकल कॉलेज और सिटी अस्पताल जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों को निशाना बनाते थे। चोरी के बाद, वे बाइकों को रामपुर बुजुर्ग स्थित ‘लक्ष्य रिजॉर्ट’ के सामने बने एक सुनसान खंडहर में छिपा देते थे, ताकि पुलिस की नजर उन पर न पड़े।
नंबर प्लेट बदल दूसरे जिलों में करते थे वाहनों की तस्करी
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिराना अंदाज में काम करता था। चोरी के तुरंत बाद वे गाड़ियों की नंबर प्लेट बदल देते थे और उन बाइकों का इस्तेमाल दूसरी वारदातों को अंजाम देने के लिए करते थे। बाद में, पुलिस से बचने के लिए वे इन चोरी की गाड़ियों को दूसरे जिलों में ले जाकर सस्ते दामों पर बेच देते थे।