गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर में निर्माणाधीन ‘विरासत गलियारा’ (Heritage Corridor) का औचक निरीक्षण करते हुए इसे ‘सिटी डेवलपमेंट प्लान’ का एक आदर्श मॉडल करार दिया है। सीएम ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना में किसी भी तरह की लापरवाही को अक्षम्य माना जाएगा और निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए।
3.50 किमी लंबी परियोजना में 2.20 किमी काम पूरा
धर्मशाला बाजार से पाण्डेयहाता तक बन रहे इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 3.50 किलोमीटर है। प्रशासन के अनुसार, अब तक 2.20 किलोमीटर क्षेत्र में निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष 1.30 किलोमीटर हिस्से में काम युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया है कि निर्माण की गति बढ़ाई जाए, लेकिन गुणवत्ता के मानकों (Quality Standards) के साथ कोई समझौता न किया जाए।
अंडरग्राउंड बिजली और फुटपाथ से मिलेगी जाम से मुक्ति
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने शहर की सुंदरता और सुविधा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्ग पर लटकते बिजली के तारों को तत्काल अंडरग्राउंड (भूमिगत) किया जाए और स्ट्रीट लाइट की बेहतर व्यवस्था हो। जलभराव (Waterlogging) को रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने और नालों पर समतल स्लैब डालकर उन्हें पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ के रूप में विकसित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
28 करोड़ से बनेगा मल्टीलेवल पार्किंग और कॉम्प्लेक्स
हेरिटेज कॉरिडोर के अलावा, सीएम ने घंटाघर में बन रहे बंधु सिंह कामर्शियल कॉम्प्लेक्स और मल्टीलेवल पार्किंग का भी जायजा लिया। 28 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस इमारत में अमर बलिदानी बंधु सिंह की मूर्ति के लिए विशेष स्थान सुरक्षित रखा जाएगा। सीएम ने स्पष्ट किया कि निर्माण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि यहाँ पारंपरिक रूप से होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर कोई असर न पड़े।