उन नन्हीं आंखों के लिए परिकथा जैसा था गोरखपुर, 70 साल पहले के शहर का एक रोचक संस्मरण शहरनामा

उन नन्हीं आंखों के लिए परिकथा जैसा था गोरखपुर, 70 साल पहले के शहर का एक रोचक संस्मरण

गोरखपुर की बदलती सूरत के बीच वरिष्ठ पत्रकार जगदीश लाल श्रीवास्तव ने 70 साल पुरानी यादें ताजा कीं। मां के साथ ननिहाल जाने का वो सफर और राप्ती नदी का चांदी जैसा चमकता पानी, पढ़िए एक रोचक संस्मरण।

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