वाराणसी/छपरा: बिहार के छपरा में ठंड से बचने के लिए जलाई गई अंगीठी काल बन गई। दम घुटने से वाराणसी के जिला सहकारी अधिकारी (PCS) विजय सिंह के दो बच्चों समेत चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में 7 माह की मासूम और नानी भी शामिल हैं। तीन अन्य की हालत बेहद गंभीर है, जिनका पटना में इलाज चल रहा है।
‘पापा चिप्स लेकर आना’: बेटे की आखिरी जिद याद कर फफक पड़े अफसर
वाराणसी से भागे-भागे ससुराल पहुंचे पीसीएस अधिकारी विजय सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले जब वे बच्चों को ननिहाल छोड़कर जा रहे थे, तो बेटे तेजस ने चिप्स मांगी थी। पिता ने वादा किया था कि अगली बार चिप्स लाएंगे, लेकिन अब वे बच्चों के स्कूल ड्रेस की जगह कफन उठाने को मजबूर हैं। यह दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
एयर ब्लॉक कमरे में धान का भूसा और गोबर के उपले बने मौत का कारण
26 दिसंबर की रात परिवार ने ठंड से बचने के लिए हॉल में अंगीठी जलाई थी। उसमें देर तक आग रखने के लिए धान का भूसा और गोबर के उपले डाले गए थे। चूंकि कमरा पूरी तरह एयर ब्लॉक था, इसलिए धुएं से निकली जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड ने नींद में ही सबकी जान ले ली। सुबह जब दरवाजा खोला गया तो कमरे से सिर्फ धुआं बाहर निकला।
मां समेत 3 लोग वेंटिलेटर पर, 7 महीने की गुड़िया भी नहीं बच सकी
इस हादसे में 3 साल के तेजस, 4 साल की अध्याय, 7 महीने की मौसेरी बहन गुड़िया और 70 वर्षीय नानी कमलावती की मौत हुई है। वहीं, बच्चों की मां अमीषा, मौसी अंजलि और मामा अमित पटना के रूबन अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। नानी का आज अंतिम संस्कार होगा, जबकि बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।