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पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे योजना: कैंपियरगंज के इन गांवों में भूमि चिह्नांकन का काम शुरू

गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे पर बड़ा अपडेट. (सांकेतिक तस्वीर)

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य ने अब धरातल पर गति पकड़ ली है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सर्वे कार्य पूरा करने के बाद अब जमीनों के चिह्नांकन (Marking) और पिलर लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। विशेष रूप से गोरखपुर के कैंपियरगंज तहसील क्षेत्र में पिछले दिनों से युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। यह एक्सप्रेस-वे न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ेगा, बल्कि गोरखपुर और कुशीनगर के बीच कनेक्टिविटी को भी एक नए आयाम पर ले जाएगा।

कैंपियरगंज के कई गांवों में पिलर लगाने की प्रक्रिया शुरू

पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए NHAI ने कैंपियरगंज तहसील के अंतर्गत आने वाले गांवों में जमीनों की मार्किंग शुरू कर दी है। पिछले तीन दिनों से विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र का दौरा कर रही हैं और पिलर स्थापित करने का काम कर रही हैं। जिन प्रमुख गांवों में यह प्रक्रिया चल रही है, उनमें रमवापुर, बढ़या, नयनसर, कानापार, रायपुर, भईयाराम और जरहद शामिल हैं। इन गांवों में पिलर लगने के साथ ही अब एक्सप्रेस-वे के वास्तविक रूट की तस्वीर साफ होने लगी है।

700 किमी से अधिक लंबा होगा एक्सप्रेस-वे

इस परियोजना के आयामों की बात करें तो पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई पानीपत से कुशीनगर तक 700 किलोमीटर से अधिक निर्धारित की गई है। गोरखपुर जिले की सीमा में इस एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई लगभग 40 किलोमीटर होगी। सड़क की चौड़ाई करीब 70 मीटर तय की गई है, जो इसे एक अत्याधुनिक और चौड़ा कॉरिडोर बनाएगी। कनेक्टिविटी के लिहाज से यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह जंगल कौड़िया ब्लॉक के रायपुर के पास गोरखपुर-सोनौली मार्ग से सीधे जुड़ेगा।

निर्माण की जद में आएगा कृषि विज्ञान केंद्र

जैसे-जैसे मार्किंग और चिह्नांकन का काम आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे प्रभावित संपत्तियों का विवरण भी सामने आ रहा है। ताजा सर्वे और मार्किंग के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि चौकमाफी स्थित महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र का बगीचा भी इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण की जद में आ रहा है। NHAI की टीम ने इस क्षेत्र में भी चिह्नांकन की कार्रवाई पूरी की है।

जल्द लगेगी ग्रामीणों की चौपाल

परियोजना की प्रगति पर जानकारी देते हुए NHAI के परियोजना निदेशक, ललित प्रताप पाल ने बताया है कि फिलहाल प्रारंभिक सर्वे के आधार पर जमीनों की मार्किंग कराई जा रही है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही शासन को भेजी जाएगी। शासन से निर्देश मिलने के बाद निर्माण की अगली औपचारिक कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों के हितों का ध्यान रखते हुए आने वाले कुछ हफ्तों में जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों के साथ चौपाल का आयोजन किया जाएगा। इस चौपाल में ग्रामीणों को परियोजना के लाभ बताए जाएंगे और उनकी समस्याओं व शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण करने का प्रयास किया जाएगा।

विकास को लगेंगे पंख

पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे के पूर्ण होने से हरियाणा के पानीपत से लेकर यूपी के कुशीनगर तक की यात्रा बेहद सुगम हो जाएगी। इससे न केवल माल ढुलाई में आसानी होगी, बल्कि विभिन्न औद्योगिक शहरों के बीच यात्रा का समय भी काफी कम हो जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे गोरखपुर क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होने वाला है।


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Siddhartha

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Siddhartha Srivastava का दैनिक जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान, राष्ट्रीय सहारा जैसे समाचार पत्रों में लोकल से लेकर नेशनल डेस्क तक 18 वर्ष का कार्य अनुभव. गत पांच वर्षों से डिज़िटल पत्रकारिता | संपर्क: 9871159904

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