गोरखपुर: मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी), गोरखपुर के छात्रों की टीम ‘नवोन्मेष’ ने राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। टीम ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में आयोजित प्रतिष्ठित स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (SIH) 2025 में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर ₹1,50,000 का प्रथम पुरस्कार जीता है।
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एमएमएमयूटी की ‘नवोन्मेष’ टीम ने ‘सत्यसेतु’ सॉफ्टवेयर से जीता पहला स्थान
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में हुए इस फाइनल मुकाबले में देशभर की सर्वश्रेष्ठ टीमों ने कड़ी टक्कर दी। जिस समस्या पर टीम ‘नवोन्मेष’ ने काम किया, उस पर राष्ट्रीय स्तर पर 500 से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई थीं, जिनमें से केवल 5 टीमों को ही शॉर्टलिस्ट किया गया था। एमएमएमयूटी के आंतरिक स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में कुल 118 टीमों ने भाग लिया था, जिनमें से गहन चयन प्रक्रिया के बाद केवल 2 टीमें— ‘नवोन्मेष’ और ‘ज़ेनटेक’ — राष्ट्रीय स्तर के लिए चुनी गईं।
‘सत्यसेतु’ – एआई-आधारित समाधान जो शैक्षिक धोखाधड़ी रोकेगा
टीम ‘नवोन्मेष’ ने ‘सत्यसेतु’ नामक एक अभिनव सॉफ्टवेयर विकसित किया है, जो शैक्षिक धोखाधड़ी (Academic Fraud) की बढ़ती समस्या का सीधा हल प्रदान करता है। यह एआई की मदद से किसी भी शैक्षणिक प्रमाणपत्र में की गई छेड़छाड़ को तुरंत पहचानता है और दस्तावेज़ की प्रामाणिकता की पुष्टि करता है। यह संस्थानों को छेड़छाड़-रोधी प्रमाणपत्र बनाने का एक सुरक्षित तरीका भी प्रदान करता है, जिसे कहीं भी तुरंत सत्यापित किया जा सकता है। यह उद्योग-उन्मुख समाधान एमएमएमयूटी की मजबूत तकनीकी क्षमता और नवाचार संस्कृति का सशक्त प्रमाण है।
इस विजयी टीम में अमर्त्य पांडेय, सक्षम शर्मा, अनुराग बनर्जी, आलोकित मिश्रा, पुष्कर जसवाल और श्रेया पांडेय शामिल थे। इन्हें डॉ. आशिष श्रीवास्तव और एलुम्नस स्वप्निल गुप्ता का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के नवाचार-उन्मुख वातावरण ने छात्रों को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए उपयुक्त मंच प्रदान किया।