महोबा: उत्तर प्रदेश के महोबा में संपत्ति हड़पने के लालच में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक नौकर दंपति ने रेलवे के सेवानिवृत्त बुजुर्ग और उनकी मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटी को पांच साल तक उनके ही घर में बंधक बनाकर रखा। उचित भोजन और देखभाल के अभाव में बुजुर्ग की मौत हो गई।
नौकर दंपति ने पूरे मकान पर कब्जा कर पिता-पुत्री को नीचे के कमरों में किया कैद
रिटायर्ड सीनियर क्लर्क ओमप्रकाश और उनकी बेटी रश्मि को उन्हीं के घर की निचली मंजिल पर बंधक बनाया गया था। आरोपी रामप्रकाश कुशवाहा और उसकी पत्नी रामदेवी ने घर पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया था और खुद ऊपरी मंजिल पर ऐशो-आराम से रहते थे। आरोपियों ने बुजुर्ग को दो साल तक पूरी तरह नजरबंद रखा था।
रश्मि एक अंधेरे कमरे में नग्न अवस्था में मिली, शरीर बना ‘हड्डियों का ढांचा’
सोमवार को बुजुर्ग की मौत के बाद जब परिजन घर पहुंचे, तो वहां का दृश्य रूह कंपा देने वाला था। 27 वर्षीय रश्मि एक कालकोठरी जैसे कमरे में निर्वस्त्र मिली। अत्यधिक कुपोषण के कारण वह ‘हड्डियों का ढांचा’ मात्र रह गई थी। ओमप्रकाश का शरीर भी भूख और बीमारी की वजह से पूरी तरह सूख चुका था।
रिश्तेदारों को झूठे बहाने बनाकर पांच वर्षों तक गेट से लौटा देते थे आरोपी
मृतक के भाई अमर सिंह ने बताया कि जब भी कोई परिजन मिलने आता, आरोपी दंपति उन्हें कोई न कोई बहाना बनाकर दरवाजे से ही वापस लौटा देते थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों के खिलाफ षड्यंत्र व हत्या की धाराओं के तहत मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।