गोरखपुर: कानपुर के हैलट अस्पताल (GSVM मेडिकल कॉलेज) में शनिवार को लापरवाही की इंतहा देखने को मिली। यहां जूनियर डॉक्टरों ने एक जिंदा मरीज को मृत घोषित कर दिया और कागज तैयार कर दिए। हद तो तब हो गई जब पुलिस ‘शव’ को पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्चुरी में जमा कराने पहुंची, तो वहां मरीज जिंदा मिला। यह देख पुलिस और तीमारदारों के होश उड़ गए।
दूसरे मरीज की मौत की फाइल जिंदा शख्स के नाम चढ़ी
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि वार्ड में एक लावारिस बुजुर्ग की मौत हुई थी। जूनियर डॉक्टरों ने धोखे में मृतक की जगह, वार्ड में ही भर्ती 60 वर्षीय मरीज विनोद की फाइल पर डेथ मेमो बना दिया। जब अधीक्षक डॉ. आर.के. सिंह ने फटकार लगाई, तो जूनियर डॉक्टर अपनी गलती मानते हुए बोले- ‘सॉरी सर, आगे से ध्यान रखेंगे, फाइल गलत भर गई थी।’
मॉर्चुरी के गेट पर पुलिस ने देखी सांसें, उड़ गए होश
स्वरूपनगर पुलिस को भेजे गए मेमो के आधार पर पुलिसकर्मी बॉडी शिफ्ट करने पहुंचे थे। जब वे तथाकथित ‘शव’ को लेकर हैलट की मॉर्चुरी में जमा कराने लगे, तभी उनकी नजर पड़ी कि मरीज की सांसें चल रही हैं और शरीर में हरकत है। जिंदा इंसान को मुर्दा बनाए जाने की खबर से पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।
उप-प्राचार्य करेंगी जांच, 48 घंटे में देनी होगी रिपोर्ट
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने इस घोर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मामले की जांच के लिए उप-प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है। इस कमेटी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे 48 घंटे के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपें। फिलहाल डॉक्टरों से जवाब-तलब किया गया है।