गोरखपुर: शहर के 17 वार्डों के निवासियों के लिए नए साल की शुरुआत राहत भरी होने वाली है। नगर निगम ने उन इलाकों में पेयजल संकट और ‘लो-प्रेशर’ की समस्या को जड़ से मिटाने के लिए सवा करोड़ रुपये की महायोजना तैयार की है। इस परियोजना के माध्यम से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाया जाएगा।
सवा करोड़ की लागत से बिछाई जाएगी 5 किलोमीटर लंबी नई पेयजल पाइपलाइन
नगर निगम ने जलापूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए ₹1.25 करोड़ का विशेष बजट आवंटित किया है। इस योजना के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में लगभग 5 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसमें न केवल नई लाइनें डाली जाएंगी, बल्कि वर्षों पुरानी और जर्जर हो चुकी पाइपलाइनों को भी पूरी तरह बदला जाएगा, जिससे पानी की लीकेज और बर्बादी पर लगाम लग सकेगी।
मंगलवार को टेंडर खुलते ही युद्धस्तर पर शुरू होगा जलापूर्ति सुधार का कार्य
परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है। मंगलवार को टेंडर खुलते ही चयनित फर्म को कार्यादेश (Work Order) जारी कर दिया जाएगा। अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा के अनुसार, इस त्वरित कार्रवाई का उद्देश्य गर्मी का मौसम आने से पहले ही प्रभावित इलाकों में जलापूर्ति व्यवस्था को सामान्य और नियमित करना है।
चंद्रशेखर आजाद चौक और शाहपुर सहित 17 इलाकों में सुधरेगा पानी का प्रेशर
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से चंद्रशेखर आजाद चौक, मदन मोहन मालवीय नगर, शाहपुर और गिरधरगंज जैसे 17 प्रमुख वार्डों को मिलेगा। इसके अलावा शक्तिनगर, पुराना गोरखपुर और शिवपुर जैसे क्षेत्रों में भी पाइपलाइन नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। अब इन घनी आबादी वाले इलाकों के हजारों निवासियों को पर्याप्त दबाव के साथ नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।