गोरखपुर: मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर के चहुंमुखी विकास के लिए नगर निगम ने अपना खजाना खोल दिया है। मेयर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न हुई नगर निगम बोर्ड की 16वीं बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1093 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित बजट बहुमत से पारित कर दिया गया। शहर की बुनियादी सुविधाओं को आधुनिक बनाने और विकास की गति को तेज करने के उद्देश्य से बजट के आकार में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
बजट में 29 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इजाफा
नगर निगम बोर्ड ने शहर की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए वित्तीय योजना में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। पूर्व में नगर निगम कार्यकारिणी ने इस बजट के लिए 1064 करोड़ रुपये की राशि प्रस्तावित की थी, लेकिन बोर्ड बैठक में चर्चा के बाद इसमें 29 करोड़ रुपये की और बढ़ोतरी कर दी गई। अब कुल 1093 करोड़ रुपये के निवेश से शहर का चेहरा बदला जाएगा। मेयर के अनुसार, यह वृद्धि विभिन्न विकास योजनाओं और आपातकालीन मदों में होने वाले अतिरिक्त खर्चों को संतुलित करने के लिए की गई है।
निर्माण कार्यों के लिए 739 करोड़ का बड़ा फंड
इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता बुनियादी ढांचे पर दिया गया अभूतपूर्व जोर है। कुल आवंटित राशि में से अकेले 739 करोड़ रुपये निर्माण कार्यों के लिए आरक्षित किए गए हैं, जो पूरे बजट का सबसे बड़ा हिस्सा है। इस धनराशि का उपयोग शहर में नई सड़कों के जाल, जल निकासी के लिए नालियों, पुल-पुलिया और सार्वजनिक भवनों के निर्माण में किया जाएगा। बोर्ड का मानना है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही विकसित गोरखपुर की नींव बनेगा, इसलिए निर्माण क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है।
जलापूर्ति और सफाई पर 127 करोड़ खर्च होंगे
शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ-साथ हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान हैं। जलापूर्ति सुदृढ़ीकरण के लिए 67 करोड़ और स्वास्थ्य एवं सफाई व्यवस्था के लिए 60 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइटिंग) के लिए 19 करोड़ और अधिष्ठान मद में 170 करोड़ रुपये का प्रावधान है। बैठक में पार्षदों को आश्वस्त किया गया कि उनके वार्डों की समस्याओं का समाधान चरणबद्ध तरीके से होगा, जिससे गोरखपुर को एक आधुनिक और स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान मिल सके।