गोरखपुर: विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार को नगर आयुक्त ने गोरखनाथ मंदिर परिसर का सघन निरीक्षण किया। मकर संक्रांति पर लगने वाले इस मेले को इस बार पूरी तरह ‘जीरो वेस्ट’ और ‘प्लास्टिक फ्री’ बनाने का संकल्प लिया गया है। प्रशासन ने साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को एक दिव्य और स्वच्छ वातावरण मिल सके।
दीवारों और ओवरब्रिज पिलर पर उकेरे जाएंगे स्वच्छ भारत के संदेश
नगर आयुक्त ने मेले के रास्तों की सुंदरता बढ़ाने के लिए विशेष निर्देश दिए हैं। गोरखनाथ ओवरब्रिज से मंदिर तक डिवाइडर की रेलिंग को तत्काल पेंट कराया जाएगा। इसके अलावा, धर्मशाला ओवरब्रिज के सभी पिलर और यातायात तिराहे से लेकर रेलवे की साइड वॉल तक ‘स्वच्छ भारत मिशन’ से जुड़ी आकर्षक वॉल पेंटिंग कराई जाएगी। यह सजावट श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का काम करेगी।
हर दुकान पर डस्टबिन अनिवार्य, आईईसी टीम करेगी जागरूक
मेले को कचरा मुक्त बनाने के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। मेला परिसर में लगने वाली सभी दुकानों पर डस्टबिन रखना अनिवार्य कर दिया गया है; बिना डस्टबिन के दुकान संचालन की अनुमति नहीं होगी। कल से ही आईईसी (IEC) की टीमें दिन और रात, दोनों समय अभियान चलाकर लोगों को ‘जीरो वेस्ट’ मेले के प्रति जागरूक करेंगी। यह जागरूकता अभियान अगले चार-पांच दिनों तक लगातार चलेगा।
रंग-बिरंगी पतंगों और स्वास्तिक से भव्य दिखेगा मेला परिसर
इस बार मेले की सजावट में पारंपरिक और आधुनिकता का संगम दिखेगा। नगर आयुक्त ने निर्देश दिया है कि केवल विद्युत सजावट ही नहीं, बल्कि कपड़ों, रंग-बिरंगी पतंगों, घंटियों और स्वास्तिक के चिह्नों से पूरे परिसर को सजाया जाए। जगह-जगह ‘प्लास्टिक फ्री खिचड़ी मेला’ के बैनर और फ्लेक्स लगाकर श्रद्धालुओं को पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा, जिससे मेले की भव्यता में चार चांद लगेंगे।