गोरखपुर: जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर बदनुमा दाग लगा है। तरकुलहा स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार को प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की दर्दनाक मौत हो गई। मानवता को शर्मसार करने वाली घटना तब घटी जब अस्पताल संचालक ने महिला की गंभीर हालत और मौत के बाद शव को एंबुलेंस की जगह निजी वाहन से ले जाकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के गेट पर लावारिस फेंक दिया और मौके से फरार हो गया।
हालत बिगड़ने पर परिजनों को रखा अंधेरे में
महराजगंज के श्यामदेउरवां निवासी 32 वर्षीय ऋतु प्रसव के लिए गुलरिहा स्थित अपने मायके आई थीं। शनिवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें भर्ती कराया गया। पति सुनील कुमार का आरोप है कि अस्पताल संचालक ने इलाज शुरू करने से पहले ही उनसे 40 हजार रुपये जमा करवा लिए। जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी, तो डॉक्टरों ने परिजनों को कोई जानकारी नहीं दी और लापरवाही बरतते रहे, जिससे अंततः माँ और बच्चे दोनों की जान चली गई।
गोरखपुर में सील अस्पताल दोबारा कैसे खुल जाते हैं? इसमें किसकी लापरवाही है?
— Go Gorakhpur (@go_gorakhpur) January 4, 2026
संचालक इम्तियाज और डॉ. जावेद पर मुकदमा दर्ज
मौत की खबर मिलते ही आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। सूचना पर पहुंचे सीओ गोरखनाथ रवि सिंह और गुलरिहा थाना प्रभारी ने स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने पति की तहरीर पर अस्पताल संचालक इम्तियाज और डॉ. जावेद के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ़्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
कागजों में ‘सील’ था यह अस्पताल
जांच में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। यह अस्पताल तीन साल पहले ही अवैध संचालन के चलते एडिशनल सीएमओ की मौजूदगी में सील किया गया था और आज भी विभाग की ‘सील’ सूची में दर्ज है। इसके बावजूद, नाम बदलकर और दोबारा रजिस्ट्रेशन कराकर इसे धड़ल्ले से चलाया जा रहा था। पुलिस ने अब इस अवैध प्रतिष्ठान को दोबारा सील करने के लिए सीएमओ को रिपोर्ट भेज दी है।