गोरखपुर: दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में 22 और 23 जनवरी 2026 को ‘भारतीय भाषा परिवार’ पर एक भव्य राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) द्वारा प्रकाशित भाषा विज्ञान पर आधारित दो ऐतिहासिक पुस्तकों का औपचारिक लोकार्पण किया जाएगा।
‘ए न्यू फ्रेमवर्क इन लिंग्विस्टिक्स’ समेत दो कृतियों का विमोचन
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र का मुख्य आकर्षण दो पुस्तकों— “भारतीय भाषा परिवार: ए न्यू फ्रेमवर्क इन लिंग्विस्टिक्स” और “कलेक्टेड स्टडीज ऑन भारतीय भाषा परिवार” का विमोचन होगा। भारतीय भाषा समिति के प्रोजेक्ट पर आधारित इन शोध ग्रंथों में देश भर के विशेषज्ञों ने भारतीय भाषाओं की ध्वन्यात्मक, रूपात्मक और व्याकरणिक समानताओं का मौलिक और वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत किया है।
एनईपी 2020 के तहत भाषाई एकात्मता पर विशेष जोर
कुलपति प्रो. पूनम टंडन के अनुसार, यह सम्मेलन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के बहुभाषी दृष्टिकोण को मजबूती प्रदान करेगा। उनका मानना है कि भारतीय भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सभ्यतागत चेतना की वाहक हैं। यह आयोजन भाषाओं की साझा जड़ों और सांस्कृतिक विरासत को समझने का एक ऐतिहासिक और शैक्षणिक अवसर साबित होगा।
हिंदी से लेकर समाजशास्त्र तक के शोध पत्र आमंत्रित
संयोजक प्रो. अजय कुमार शुक्ल ने जानकारी दी कि इस सम्मेलन के लिए हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू और संस्कृत के अलावा इतिहास व समाजशास्त्र जैसे विषयों से भी भारी संख्या में शोध पत्र प्राप्त हो रहे हैं। फैकल्टी और छात्रों के लिए पंजीकरण व अन्य सभी विवरण विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध करा दिए गए हैं।