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क्रेडिट कार्ड गोरखपुर में टीचर के वॉलेट में रखा, मुंबई में हो गई 44 हज़ार की शॉपिंग

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क्रेडिट कार्ड गोरखपुर में टीचर के वॉलेट में रखा, मुंबई में हो गई 44 हज़ार की शॉपिंग

Cyber Fraud: शाहपुर इलाके की एक टीचर के क्रेडिट कार्ड से साइबर अपराधियों ने मुम्बई में खरीदारी कर खाते से 44 हजार रुपये उड़ा दिए, जबकि टीचर का क्रेडिट कार्ड उनके पास है. वह खुद खरीदारी करने गई तब उन्हें जानकारी हुई. उन्होंने बुधवार को एसपी अपराध शाखा को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है. साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है.

शाहपुर इलाके के पादरी बाजार इलाके की ओमकार नगर कलोनी में रहने वाली प्रियंका श्रीवास्तव धर्मपुर स्थित एक स्कूल में टीचर हैं. पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि वह संडे को पादरी बाजार में कपड़े की खरीदारी करने गई थीं. क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर पता चला कि उनके क्रेडिट कार्ड से पहले से ही 44 हजार रुपये की खरीदारी हो चुकी है. उस दिन बैंक बंद थे. वह मंगलवार को बैंक गईं तो पता चला कि उनके कार्ड से 19 अगस्त से 22 अगस्त के बीच मुंबई में आठ बार में 44 हजार रुपये की खरीदारी की गई है. पीड़िता ने बताया कि वह कोई यूपीआई भी नहीं चलाती हैं. बैंक में उनका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है, लेकिन मुंबई में हुई खरीदारी का कोई मैसेज भी नहीं आया.

साइबर एक्सपर्ट विवेक आनंद बताते हैं कि क्रेडिट कार्ड से इस तरह की धोखाधड़ी सिर्फ स्किमिंग या फिशिंग से हो सकती है. अगर आपने अपने मोबाइल में कोई ऐसा ऐप डाउनलोड कर लिया जो आपके कार्ड की डिटेल रीड कर लेता हो तो क्रेडिट कार्ड स्किमिंग का शिकार होने का खतरा बढ़ जाता है. साइबर अपराधी जब कार्ड होल्डर से ईमेल के जरिये या किसी वेबसाइट के माध्यम से उसके कार्ड की डिटेल हासिल कर लेते हैं तो ऐसे में भी क्रेडिट कार्ड के मिसयूज का खतरा बढ़ जाता है.

विवेक आनंद सलाह देते हैं कि जब आपको कोई खरीदारी नहीं करनी हो तो अपने क्रेडिट कार्ड के मोबाइल ऐप में जाकर परचेजिंग को आफ कर दें. ऐसा करने से आप अनॉथराइज ट्रांजेक्शन के खतरे को टाल सकते हैं.


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गो गोरखपुर ब्यूरो

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