गोरखपुर: एम्स गोरखपुर की प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने नई ‘इंस्टीट्यूट बॉडी’ का गठन कर दिया है। यह उच्च-स्तरीय समिति अगले पांच वर्षों तक संस्थान की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेगी और महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों में सहयोग प्रदान करेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी।
रवि किशन और डॉ. दिनेश शर्मा समेत तीन दिग्गज जनप्रतिनिधि शामिल
संस्थान की इस नई समिति में गोरखपुर सदर सांसद रवि किशन, पूर्व उपमुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा और सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर को बतौर सदस्य नामित किया गया है। ये जनप्रतिनिधि एम्स के विकास और क्षेत्रीय स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन को महत्वपूर्ण सुझाव और सहयोग प्रदान करेंगे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की जगह अब BHU कुलपति को मिली जगह
प्रबंधन समिति के ढांचे में एक बड़ा बदलाव करते हुए इस बार इलाहाबाद विश्वविद्यालय के स्थान पर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के कुलपति को शामिल किया गया है। इसके अलावा विशेषज्ञों की टीम में आईआईटी कानपुर के निदेशक, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के वरिष्ठ डॉक्टरों को भी स्थान दिया गया है।
5 साल का होगा कार्यकाल और इसी से चुनी जाएगी ‘गवर्निंग बॉडी’
नवनियुक्त इंस्टीट्यूट बॉडी का कार्यकाल कुल पांच वर्षों के लिए निर्धारित किया गया है, जिसमें वर्तमान में एक पद रिक्त रखा गया है। भविष्य में एम्स की सबसे शक्तिशाली ‘गवर्निंग बॉडी’ का चयन भी इन्हीं सदस्यों के बीच से किया जाएगा, जो संस्थान के वित्तीय और प्रशासनिक ढांचे की कमान संभालेंगे।